हनुमान नगर | विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 26 से 30 अक्टूबर तक मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पांच दिन का राष्ट्र स्तरीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम हुआ। आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के निर्देशन में आयोजित किया गया। राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों ने सहभागिता की। इसमें भीलवाड़ा जिले के एम जी जी एस शाहजी मोहल्ला में कार्यरत शिक्षक डॉ. अस्मिता मिश्रा ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर हो रहे नवाचार, पहल, विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने प्रदेश में संचालित ऐसी अभिनव शैक्षिक पहलों को भी साझा किया, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय, अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने व्यापक कार्य शिक्षा कार्यक्रम के उद्देश्य, क्रियान्वयन, शैक्षिक महत्व पर भी प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 एन सीएफ-एस 2023 के अनुरूप आयोजित हुआ। उद्देश्य मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित करना रहा। इसमें कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम, व्यावसायिक दक्षताओं का विकास, विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक गतिविधियों के समावेशन पर विशेष बल दिया गया। सहभागिता को राजस्थान के शैक्षिक नवाचार, उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर रखने, अन्य राज्यों के साथ अनुभवों के आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।