पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में डूंगरपुर जिले की 7 पंचायत समितियों की 201 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के परिणाम घोषित हो गए हैं। चुनाव में कई राजनीतिक घरानों और दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों की प्रतिष्ठा दांव पर रही। कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा की पत्नी जमना घोघरा ने मझोला पंचायत से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई, जबकि भाजपा के पूर्व जिला प्रमुख माधवलाल वरहात की पत्नी नीरू देवी नारेली पंचायत से चुनाव हार गईं। वहीं, पूर्व प्रधान सागर अहारी की मां गौतमी देवी ने खेमपुर पंचायत से जीत हासिल की। दूसरे चरण में कुल 77.89 प्रतिशत मतदान हुआ था और मतदान समाप्ति के बाद शुरू हुई मतगणना अलसुबह तक चली। विधायक की पत्नी ने लगातार तीसरी बार दर्ज की जीत डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा की पत्नी जमना घोघरा ने डूंगरपुर पंचायत समिति की मझोला ग्राम पंचायत से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 663 मतों से पराजित कर जीत की हैट्रिक बनाई। वहीं, डूंगरपुर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष लीलाराम वरहात ने साबली पंचायत से लगातार चौथी बार जीत हासिल कर अपना दबदबा बरकरार रखा। भाजपा के पूर्व जिला प्रमुख की पत्नी चुनाव हारी भाजपा के पूर्व जिला प्रमुख माधवलाल वरहात की पत्नी नीरू देवी को नारेली ग्राम पंचायत से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, भाजपा के बिछीवाड़ा के पूर्व प्रधान देवराम रोत अपने बेटे गजेंद्र रोत की पत्नी अमीषा रोत को गामड़ी अहाड़ा पंचायत से चुनाव जिताने में कामयाब रहे। गजेंद्र रोत पहले इस पंचायत के सरपंच रह चुके हैं। पूर्व प्रधान की मां ने भी हासिल की जीत दोवड़ा पंचायत समिति की खेमपुर ग्राम पंचायत से पूर्व प्रधान सागर अहारी की मां गौतमी देवी अहारी ने जीत दर्ज की। दूसरी ओर, आसपुर से भाजपा के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा के भतीजे को म्याला पंचायत में हार का सामना करना पड़ा। यहां कन्हैया लाल ने उन्हें 334 मतों से पराजित किया। पुराने सरपंचों को झटका, नए और युवा चेहरों को मौका दूसरे चरण के चुनाव में कई पंचायतों में पुराने सरपंचों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि नए और युवा चेहरों ने जीत दर्ज कर गांवों की कमान संभाली। राजनीतिक परिवारों के बीच मुकाबले के साथ स्थानीय स्तर पर नए चेहरों के उभरने से चुनाव परिणाम चर्चा का विषय बने रहे। जीत के बाद समर्थकों ने मनाया जश्न परिणाम घोषित होने के बाद विजेता उम्मीदवारों के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। कई जगह विजय जुलूस निकाले गए, आतिशबाजी की गई और मिठाइयां बांटकर जीत का जश्न मनाया गया। नवनिर्वाचित सरपंचों ने जनता का आभार जताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और लोगों के विश्वास पर खरा उतरने की बात कही। कौन-कहां जीता