डूंगरपुर जिले में दो चरणों में हुए पंचायतीराज चुनाव इस बार शांतिपूर्ण और निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए नया इतिहास रच गए। पुलिस प्रशासन के बेहतर चुनाव प्रबंधन, मुस्तैदी और सटीक रणनीति के चलते 20 साल बाद यह पहला मौका रहा, जब पूरे जिले में चुनाव के दौरान हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की एक भी घटना सामने नहीं आई। इतना ही नहीं, चुनाव के दौरान एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। जबकि इससे पहले हुए तीन पंचायत चुनावों में हिंसा और उपद्रव से जुड़े 11 मामले दर्ज हुए थे और 174 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दो चरणों में हुआ चुनाव, 7 पंचायत समितियों में मतदान डूंगरपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 7 पंचायत समितियों के अंतर्गत जिला परिषद की 20 और पंचायत समिति की 119 सीटों के लिए मतदान हुआ। इसके बाद 24 अक्टूबर को 233 सरपंच पदों के लिए वोट डाले गए। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को जिला परिषद की 27 और पंचायत समिति की 115 सीटों के लिए मतदान हुआ। वहीं, 30 अक्टूबर को 209 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए मतदान कराया गया। पूरे चुनाव के दौरान पुलिस की सतर्कता के चलते कानून-व्यवस्था को लेकर कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। पुराने चुनावों के अनुभव से तैयार की विशेष रणनीति एसपी मनीष कुमार ने बताया कि पिछले चुनावों के अनुभवों को देखते हुए इस बार पुलिस ने विशेष कार्ययोजना तैयार की थी। पिछले चुनावों में उपद्रव करने और मुकदमों में फंसे लोगों से बातचीत कर उनके संदेशात्मक वीडियो बनवाए गए। इन वीडियो में संबंधित लोगों ने बताया कि चुनावी हिंसा के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पुलिस ने इन वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया, ताकि आमजन को चुनावी हिंसा के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके और लोग विवादों से दूर रहकर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान में भाग लें। एरिया डोमिनेशन से अपराधियों पर कसा शिकंजा चुनाव से पहले जिलेभर में पुलिस की ओर से एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया गया। इसके तहत हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ की गई और आदतन अपराधियों को भारी पाबंदियों में बांधा गया। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित उपद्रवियों पर विशेष निगरानी रखी। हर बूथ पर कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी मतदान के दौरान पुलिस टीमों ने मुस्तैदी से जिम्मेदारी निभाई। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी गई। पुलिस की सतर्कता, पूर्व नियोजित रणनीति और लगातार निगरानी के चलते दोनों चरणों का चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस तरह डूंगरपुर पुलिस ने 20 साल बाद हिंसा और मुकदमों से मुक्त पंचायत चुनाव कराने में सफलता हासिल की।