भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और पंजाब प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने मंगलवार को कहा- राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को विपक्ष की भूमिका सही ढंग से निभाने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के भीतर और सड़क पर अराजकता फैलाना कांग्रेस का मुख्य चरित्र बन गया है। पूनिया मंगलवार को डूंगरपुर जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। उन्होंने जिला भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लिया। इसके बाद मीडिया से बात की। पूनिया ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को विपक्ष की भूमिका सही ढंग से निभाने के लिए प्रशिक्षण की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के भीतर और सड़क पर अराजकता फैलाना कांग्रेस का मुख्य चरित्र बन गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में भ्रामक नैरेटिव और तथ्यों के आधार पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए पुनिया ने कहा कि देश की जनता राहुल गांधी को नेता के रूप में स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी मंशा पूरी करने के लिए ‘मॉक पार्लियामेंट’ में प्रधानमंत्री की भूमिका निभा सकते हैं। मतदाता सूची सत्यापन (SIR) पर पुनिया ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों में से करीब 13 करोड़ लोगों का सत्यापन डेटा सामने आया है। उनके मुताबिक, इसमें 2.8 करोड़ मृत, 3 करोड़ अनुपस्थित, 6 करोड़ स्थानांतरित और 3 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका कोई पता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस और ममता बनर्जी की सरकारों के दौरान सीमावर्ती राज्यों, पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के सहारे फर्जी वोटिंग कराकर सरकारें बनाई गईं। पुनिया ने कहा कि SIR का विरोध करके कांग्रेस सीधे तौर पर घुसपैठियों का समर्थन कर रही है। पंजाब में बदलाव की बयार, बीजेपी बन रही जनता की पहली पसंद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर कहा कि पंजाब की जनता में बदलाव को लेकर एक गहरी उत्कंठा है और वे भाजपा को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा- पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ भारी एंटी-इनकंबेंसी है। उन्होंने याद दिलाया कि 'आप' के सरगना अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि 90 दिनों में नशा खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन साढ़े चार-पौने पांच साल बीत जाने के बाद भी नशे ने पंजाब की जड़ों को खोखला कर दिया है। पंजाब के सामने तीन बड़े मसले: चिट्टा, क्राइम और भ्रष्टाचार उन्होंने कहा कि पंजाब में आज तीन बड़े गंभीर मसले हैं जिसे वहां 'चिट्टा' (नशा), क्राइम और भ्रष्टाचार कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आज न तो सड़क पर चलता आम आदमी सुरक्षित है और न ही अपने घर में। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि मुख्यमंत्री के बेडरूम तक जांच की आंच पहुंच रही है, क्योंकि उनकी पत्नी और स्टाफ पर लगे नकदी बाहर फेंकने जैसे आरोप और ईडी-सीबीआई की कार्रवाई प्रमाणित हो चुकी है।