डूंगरपुर जिले में सोमकमला आम्बा बांध परियोजना से रबी फसलों की सिंचाई के लिए 18 नवंबर 2026 से 30 मार्च 2027 तक चार चरणों में 112 दिनों तक नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों के लिए तय 50 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र को नियमानुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, पेयजल के लिए भी पर्याप्त पानी आरक्षित रखा गया है। यह निर्णय जिला परिषद सभागार में आयोजित जल वितरण समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता उदयपुर संभागीय आयुक्त खजान सिंह ने की। किसानों ने उठाई नहरों की सफाई और सीपेज की समस्या बैठक में जिला कलेक्टर देशलदान, जल वितरण समिति के सदस्य, किसान तथा सिंचाई एवं जलदाय विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उठाते हुए बताया कि कई जगह नहरों की सफाई नहीं हुई है। इसके अलावा सीपेज के कारण नहरों का पानी अंतिम छोर यानी टेल तक नहीं पहुंच पाता। किसानों ने इन समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की। पानी छोड़ने से पहले समस्याएं दूर करने के निर्देश संभागीय आयुक्त खजान सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों में पानी छोड़ने से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने नहरों की सफाई, मरम्मत और पानी के समान वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि अंतिम छोर तक के किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। चार चरणों में होगी पानी की आपूर्ति जल वितरण समिति की बैठक में रबी सिंचाई के लिए चार चरण निर्धारित किए गए। इनके अनुसार नहरों में पानी की आपूर्ति इस प्रकार रहेगी— कम बारिश के बावजूद बांध में पर्याप्त पानी इस साल मानसून के दौरान बारिश थोड़ी कम हुई है, इसके बावजूद बांध में रबी सिंचाई की जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध है। गेहूं, सरसों और अन्य फसलों के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र को नियमों के अनुसार पानी दिया जाएगा। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति के लिए भी पर्याप्त पानी रखा गया है। गश्त और मरम्मत के किए जाएंगे इंतजाम प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार बांध प्रबंधन की ओर से नहरों की नियमित गश्त, मरम्मत और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के इंतजाम किए गए हैं। बैठक में जल वितरण समिति के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भी जल वितरण व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे।