भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, यहां अब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करते हुए निशुल्क काउंटर से एक्सपायरी डेट की दवाइयां बांटी जा रही हैं। मामला एमसीएच विंग का है, यहां काउंटर नंबर 10 पर एक दो साल की मासूम के परिजनों को सितंबर 2025 में एक्सपायर हो चुकी दवा पकड़ा दी गई। गनीमत रही कि पिता ने मासूम को दवा पिलाने से पहले ही तारीख जांच ली। शहर के हमीरपुरा निवासी मोहित नागोरी अपनी 2 साल की बेटी भव्या को सर्दी, जुकाम और उल्टी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल लेकर गए। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जसराज बोहरा ने उसे देखा और तीन सिरप (डोमपेरिडोन, सिफो डॉक्सिन और एंटी कोल्ड) लिखे। पिता ने निशुल्क काउंटर से दवा ली और घर गया। जब वे बेटी को दवा पिलाने लगे, तो उनकी नजर शीशी पर पड़ी। दवा पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अक्टूबर 2023 और एक्सपायरी डेट सितंबर 2025 अंकित थी। नागोरी ने बताया कि यदि मासूम को यह दवा पिला दी जाती, तो उसे गंभीर रिएक्शन हो सकता था। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के दवा प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल के स्टॉक में ऐसी कई दवाइयां मौजूद हैं जिनकी मियाद खत्म हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बिना जांचे इन्हें मरीजों को बांट रहे हैं। यह लापरवाही किसी मरीज की मौत का सबब भी बन सकती है। बावजूद इसके ध्यान नहीं रखा गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ.हनुमानराम चौधरी से इस बारे में बात करनी चाही लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।