कम दहेज लाने के ताने, पति की मारपीट, और पति द्वारा मां से करीब दो साल की बेटी को जबरन अलग करने के मामले में फैमिली कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने बच्ची को उसकी मां मंजू के सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। बच्ची के केकड़ी अस्पताल में उपचाराधीन होने की जानकारी मिलने पर कोर्ट ने वहां के पीएमओ को भी निर्देश दिए कि बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया जाए। वहीं टोडारायसिंह थानाधिकारी को भी आदेश दिए हैं कि बच्ची को पिता से लेकर मां को सौंपना सुनिश्चित करें। मंजू का आरोप है कि 4 जुलाई 2026 को उसका पति जगराज उसके पीहर पीपलू आया। उसने उसके साथ मारपीट की। फिर बेटी को अपने साथ ले गया। इसके बाद से बच्ची पिता के पास ही थी। कोर्ट रीडर मोहम्मद अहसन मदनी ने बताया कि पीपलू निवासी मंजू सैनी ने अपनी बेटी (करीब दो साल) की अभिरक्षा वापस पाने के लिए 17 सितंबर 2026 को फैमिली कोर्ट में परिवाद पेश किया था। पीपलू निवासी मंजू ने बताया कि उसकी शादी 26 जनवरी 2023 को टोडारायसिंह क्षेत्र के थडोली निवासी जगराज सिंह के साथ हुई थी। वह चिरोंज स्कूल में यूडीसी के पद पर कार्यरत है। 20 दिसंबर 2024 को उनकी बेटी का जन्म हुआ। मंजू का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने को लेकर ताने देते थे। परिवार बचाने के लिए उसने ससुराल में रहने का प्रयास किया। हालात नहीं बदले। आखिरकार, मई 2026 में वह बेटी के साथ पीहर आ गई।