दीपावली के फेस्टिव सीजन में 5 से 12 नवंबर तक हवाई टिकट 100-150% तक महंगे हो गए हैं। अब उड़ानें दोगुनी कीमत पर मिल रही हैं। दीपावली का जश्न मनाने के लिए देश-दुनिया के पर्यटक उदयपुर में बड़ी संख्या में आएंगे। उदयपुर से भी लोगों ने बड़ी संख्या में जयपुर, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए हवाई टिकट बुक कराए हैं। उदयपुर-जयपुर के बीच सामान्य दिनों में किराया 5 से 8 हजार रु. तक था, जो दीपावली के इन 8 दिनों में 8500 से 18 हजार 500 रु. तक पहुंच चुका है। उदयपुर-दिल्ली का किराया सामान्य दिनों में 5500 से 8 हजार रुपए रहता है, जो 8 हजार 500 से 16 हजार 500 रुपए, उदयपुर-मुंबई का किराया सामान्य दिनों में 5500 से 8 हजार रुपए तक रहता है, जो 8 हजार 500 से 18 हजार 500, उदयपुर-बेंगलुरु का किराया सामान्य दिनों में 10 हजार से 14 हजार था, जो अब 13 हजार 500 से 18 हजार, उदयपुर-हैदराबाद का किराया सामान्य दिनों में 10 हजार से 14 हजार था, जो अब 13 हजार 500 से 18 हजार 500 रुपए पर जा पहुंचा है। सामान्य दिनों की तुलना में दीपावली सेलिब्रेशन पर हवाई टिकट महंगे, ट्रेनें भी फुल इधर, उदयपुर से जयपुर, दिल्ली, मुंबई, हरिद्वार और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलने वाली लगभग सभी ट्रेन एडवांस बुकिंग के चलते फुल हैं। पर्यटन कारोबार मार्च तक बूम पर रहेगा, हवाई किराए में आएगा उतार-चढ़ाव दीपावली पर पर्यटन सीजन के कारण उदयपुर से जयपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद की फ्लाइटों के किराए में बढ़ोतरी जारी है। गुजराती पर्यटक दीपावली का जश्न मनाने के लिए उदयपुर आते हैं, जो उदयपुर की कनेक्टिंग फ्लाइट इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, जयपुर से ले रहे हैं। गुजरात सहित देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक दीपावली सेलिब्रेशन के लिए उदयपुर आ रहे हैं। उदयपुर में पर्यटन कारोबार अब मार्च 2027 तक बूम पर रहेगा। ऐसे में बीच-बीच में हवाई किराए में भी उतार-चढ़ाव चलता रहेगा। भास्कर एक्सपर्ट - अशोक जोशी, एविएशन एक्सपर्ट नियमों को ठेंगा दिखा रहीं एयरलाइंस दीपावली, होली, रक्षाबंधन जैसे सभी बड़े त्योहारों पर दोगुना तक किराए की बढ़ोतरी करना साफ तौर पर प्रिडेटरी प्राइसिंग (मनमाना किराया) है। डीजीसीए के निर्देशों का एयरलाइंस पर कोई असर नहीं दिख रहा है। कंपनियों के इस मुनाफाखोरी वाले ऐल्गोरिद्म पर रेगुलेटर का नियंत्रण खत्म हो चुका है। सरकार को केवल एडवाइजरी जारी करने के बजाय भारतीय वायुयान अधिनियम के तहत हवाई किराए पर अपर फेयर कैप (ऊपरी सीमा) को दोबारा सख्ती से लागू करना होगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली एयरलाइंस पर भारी जुर्माना लगाना होगा।