भास्कर न्यूज | झालावाड़ दीपावली पर सरकार की ओर से कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा के बावजूद उन्हें पूरी राशि नकद नहीं मिलेगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत बोनस की 25 प्रतिशत राशि सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में जमा होगी, जबकि कर्मचारियों को केवल 75 प्रतिशत राशि का नकद भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सवाल उठाते हुए सरकार से पूरा बोनस नकद देने की मांग की है। शिक्षक संघ एलीमेंट्री सैकंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेश उपाध्यक्ष गजराज सिंह मोठपुर ने कहा कि कोरोना काल में वित्तीय परिस्थितियों के चलते तत्कालीन सरकार ने बोनस की 25 प्रतिशत राशि जीपीएफ में जमा करने की व्यवस्था लागू की थी। उस समय हालात अलग थे, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में भी इस व्यवस्था को जारी रखना उचित नहीं है। कर्मचारियों को स्वीकृत बोनस का पूरा लाभ नकद मिलना चाहिए। केंद्र और राज्य की व्यवस्था में बताया अंतर केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को बोनस का शत-प्रतिशत भुगतान नकद कर रही है, जबकि राजस्थान में कर्मचारियों को केवल 75 प्रतिशत राशि ही नकद मिल रही है। बोनस का उद्देश्य त्योहार पर आर्थिक राहत देना है। ऐसे में कर्मचारी को अपनी पूरी राशि के उपयोग का अधिकार मिलना चाहिए। संगठन ने राज्य सरकार से इसी दीपावली से 25 प्रतिशत जीपीएफ जमा करने की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की है। एक लाख कर्मचारियों के बोनस में 16.94 करोड़ रुपए जीपीएफ में जाएंगे रेसटा के अनुसार, यदि एक लाख कर्मचारियों को औसतन 6,774 रुपए बोनस मिलता है तो कुल राशि 67.74 करोड़ रुपए होगी। इसमें से करीब 50.80 करोड़ रुपए कर्मचारियों को नकद मिलेंगे, जबकि 16.94 करोड़ रुपए जीपीएफ खातों में जमा होंगे।