दोपहिया-चार पहिया वाहन मालिकों के लिए बीएच यानी भारत सीरीज के नंबर लेना अब महंगा पड़ रहा है। जिन वाहन मालिकों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क अभी तक बकाया है, उनके खिलाफ उदयपुर सहित प्रदेशभर में परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। उदयपुर के 80 सहित प्रदेशभर में दो हजार से ज्यादा वाहन मालिक हैं, जिन्होंने बीएच सीरीज के नंबर लेने के बाद अभी तक अपने वाहनों का बकाया शुल्क जमा नहीं कराया है। इन सभी वाहन मालिकों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से बकाया शुल्क राशि जमा कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इन वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग की लगभग 30 लाख शुल्क बकाया है। खास बात यह है कि अब तय समय पर शुल्क जमा नहीं कराने वाले वाहन मालिकों पर 100 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना राशि बढ़ती जा रही है। ऐसे में कई वाहन मालिकों को मूल टैक्स शुल्क की तुलना में अतिरिक्त दोगुना जुर्माना राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। जिला परिवहन अधिकारी मुकेश कुमार डाड बताते हैं कि प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञानदेव विश्वकर्मा के निर्देश पर शुल्क जमा नहीं कराने वालों पर सख्ती करने का निर्णय लिया गया है। इन उदाहरणों से समझें... मूल टैक्स 5440, जुर्माना 10300 रुपए दोबारा पंजीयन कराने की जरूरत नहीं, हर 2 साल में टैक्स अनिवार्य बीएच सीरीज व्यवस्था के तहत वाहन का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन किया जाता है। लाइफटाइम आरटीओ टैक्स एकमुश्त देने की बजाय हर दो साल में जमा करना होता है। इस सीरीज के वाहन में किसी राज्य का नंबर नहीं, बल्कि भारत सीरीज का नंबर अलॉट होता है। इस नंबर प्लेट की शुरुआत भी बीएच से ही होती है, इसलिए राज्य बदलने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती। नियमों के अनुसार बीएच सीरीज में रजिस्टर्ड वाहनों का टैक्स हर दो साल में जमा करना अनिवार्य है। यही वजह है कि जो लोग समय बीत जाने के बाद भी टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं, उन पर सख्ती की जा रही है। जरूरत पड़ी तो ऐसे वाहन मालिकों पर रोजाना 100 रुपए के हिसाब से भी जुर्माना किया जाएगा। जुर्माना नहीं देने वाले लोगों के वाहन जब्त किए जाएंगे।