हनुमानगढ़ में सिंथेटिक दूध बनाने और सप्लाई करने की शिकायत पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रावतसर और चाइयां में जांच की। रावतसर की प्रगति डेयरी में 160 लीटर संदिग्ध दूध मौके पर नष्ट कराया गया। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने प्रगति डेयरी का निरीक्षण किया। ऑटोरिक्शा मालिक सोहनलाल और ड्राइवर राकेश कुमार दूध बेचने के लिए डेयरी लाए थे। टीम ने मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) से दूध की जांच की। शुरुआती जांच में दूध के सिंथेटिक होने की आशंका सामने आई। दूध के नमूने जांच के लिए भेजे टीम ने दूध के नमूने लेकर विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। साथ ही 160 लीटर संदिग्ध दूध नष्ट कराया, ताकि इसकी सप्लाई रोकी जा सके। इसके बाद टीम ने चाइयां में अलग-अलग डेयरी संचालकों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और दूध की गुणवत्ता की जांच की। टीम ने डेयरी संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री देने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार गर्ग, संजय कुमार और दीपक कुमार, रावतसर बीसीएमओ डॉ. मनिन्द्र सिंह, लैब सहायक सुभाषचंद, एमएफटीएल वाहन चालक निहाल सिंह और वाहन चालक मलकीत सिंह एवं गुरुशरण सिंह मौजूद रहे। मिलावट की सूचना विभाग को दें डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि दीपावली के दौरान दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग सतर्कता बरत रहा है। जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपल लेने की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा किसी प्रतिष्ठान पर अनियमितता की जानकारी मिलने पर विभाग के कंट्रोल रूम नम्बर 01552-261190 पर सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।