हनुमानगढ़ की जंक्शन धानमंडी में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के कई महीने बाद भी किसानों का भुगतान अटका है। व्यापारियों को भी आढ़त नहीं मिली। व्यापार मंडल ने दीपावली से पहले बकाया राशि जारी करने की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है। व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मपाल जिंदल और पूर्व अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद अप्रैल में शुरू हुई थी और 30 जून तक चली। जंक्शन मंडी में भारतीय खाद्य निगम, तिलम संघ और आरएसएफसीएससी ने किसानों से गेहूं खरीदा था। खरीद पूरी होने के बाद भी तिलम संघ से कई किसानों का भुगतान बाकी है। व्यापारियों को भी उनकी आढ़त नहीं मिली। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार सरकार और प्रशासन से मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि दीपावली नजदीक है। किसानों को घरेलू खर्च, बच्चों की स्कूल फीस, लोन की किश्तें, बच्चों की शादियों और अन्य मांगलिक कामों के लिए पैसों की जरूरत है। आगामी फसल के लिए खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने के साथ खेतों में काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी भी देनी है। पदाधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2026-27 में ‘क’ वर्ग दलालों के जरिए तिलम संघ और आरएसएफसीएससी ने गेहूं खरीदा था। भारतीय खाद्य निगम ने सभी व्यापारियों की आढ़त का भुगतान कर दिया है। तिलम संघ ने उन व्यापारियों को आढ़त दी है, जिनके जरिए गेहूं बेचने वाले किसानों का भुगतान बाकी नहीं था। वहीं, आरएसएफसीएससी ने उन व्यापारियों को भी आढ़त नहीं दी, जिनके जरिए गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान मिल चुका है। व्यापार मंडल ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से दीपावली से पहले किसानों की बकाया राशि और व्यापारियों की आढ़त जारी करने की मांग की है, ताकि वे अपनी देनदारियां चुका सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों और व्यापारियों का बकाया भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। साथ ही भविष्य में किसान सरकार को समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने से भी परहेज करेंगे।