वैशाली नगर के गांधी पथ को 80 से 100 फीट चौड़ा करने के विवाद के बीच जेडीए नया फॉर्मूला लेकर आया है। प्रस्ताव है कि सड़क की एक तरफ के मकान-दुकान मालिक अपनी 20 फीट जमीन जेडीए को सरेंडर कर दें, बदले में उन्हें व्यावसायिक उपयोग का पट्टा दिया जाएगा। प्रभावित लोगों ने यह पेशकश नकार दी है। उनका कहना है कि जेडीए ने 2006 में सड़क को 60 से 80 फीट करते समय भरोसा दिया था कि अब चौड़ाई नहीं बढ़ेगी। उसी आधार पर पट्टे और भवन निर्माण स्वीकृतियां जारी हुईं, अब फिर जमीन मांगी जा रही है तो जेडीए की बात पर भरोसा कैसे करें? स्थानीय निवासी और व्यापारी मंत्री राजवर्धन सिंह से मिले थे। उनके कहने पर जेडीसी सिद्धार्थ महाजन से वार्ता हुई, जिसमें जमीन के बदले व्यावसायिक पट्टा देने का प्रस्ताव रखा गया। व्यापारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया और अब मुख्यमंत्री से मिलकर पक्ष रखने का निर्णय लिया है। 80 फीट के पट्टे मिले तो बने दुकान-मकान एक तरफ से ही जमीन क्यों? 100 फीट सड़क पर 11 आपत्तियां नित्यानंद नगर बी के लोगों ने गांधी पथ को 80 से 100 फीट करने के प्रस्ताव पर 11 आपत्तियां जताई हैं। इनका कहना है कि 2006 में सड़क 80 फीट चौड़ी कर बिल्डिंग लाइन तय की गई। उसके आधार पर निर्माण हुए। गुरु जंभेश्वर नगर-ए की ओर 10-15 फीट जमीन लेकर चौड़ी की जा सकती है। मास्टर प्लान-2025 में भी आसपास के मार्ग 80 फीट हैं। निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने, बैठक में उनकी अनुपस्थिति और बिना गजट अधिसूचना निर्णय पर विरोध जताया है।