विद्याधर नगर स्टेडियम में फ्लडलाइट लगाने की बात चल रही थी। एसएमएस स्टेडियम से हटाई गई लाइट्स इंस्टाल करने की बात हुई, लेकिन लगी नहीं। रविवार को इंडियन फुटबॉल लीग के मैच शुरू हो गए। आरयूएफसी ने उद्घाटन मैच श्रीनिधि डेक्कन से खेला। मैच शाम 4 बजे से शुरू हुआ। ग्राउंड पर फ्लडलाइट जरूरी थी तो आर्गेनाइजर आरयूएफसी ने एथलेटिक ट्रैक पर लोहे के पोल की मचान बनाकर टेम्परेरी लाइट्स लगा दी। मैच के दौरान थोड़ा अंधेरा हुआ तो लाइट्स जलाई, लेकिन पर्याप्त रोशनी नहीं थीं। एथलेटिक ट्रैक पर खिलाड़ी सुबह-शाम प्रैक्टिस करते हैं। इससे ट्रैक को नुकसान होगा। गड्ढे हो गए तो एथलीटों के इंजर्ड होने का खतरा रहेगा। फर्राटा दौड़ के लिए ‘बाधा’ डाली टेम्परेरी लाइट्स के कारण फेडरेशन ने 9 लाख रुपए पेनल्टी लगाई आरयूएफसी के चेयरमैन केके टाक ने कहा- ‘सरकार ने तो फ्लडलाइट्स लगाई नहीं, हमने इंतजाम किया। अखिल भारतीय फुटबॉल फेडरेशन के नियमों के अनुसार ये लाइट्स पर्याप्त नहीं थीं। पहले ही मैच में 9 लाख रुपए की पेनल्टी और लगा दी।’ ट्रैक पर पोल लगाने की इजाजत किसने दी। स्पोर्ट्स काउंसिल के अधिकारी क्या आंखें मूंदे रहे। जिम्मेदारों ने रोका क्यों नहीं।