उदयपुर के गंगूकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर से 16 जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंगलवार को मंदिर परिसर में सभी समितियों की अंतिम समन्वय बैठक आयोजित कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और विभिन्न सेवा कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। इस्कॉन अध्यक्ष मायापुरवासी प्रभु ने बताया कि पुरी की परंपरा के अनुसार रथयात्रा से एक दिन पहले 15 जुलाई को गुण्डिचा मार्जन किया जाएगा। इस दौरान वैष्णव भक्त और माताएं मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग की साफ-सफाई और धुलाई करेंगे। वहीं, पुणे इस्कॉन के भक्त मंदिर परिसर में रंगोली सजाएंगे। पुरुष श्रद्धालु पहनेंगे धोती-कुर्ता रथयात्रा में महिलाओं का दल लाल-केसरिया साड़ी और गोपी वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर सबसे आगे चलेगा। पुरुष श्रद्धालु धोती-कुर्ता या सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर शामिल होंगे। महिलाओं का संकीर्तन डांस रहेगा आकर्षण वृंदावन के देवहरि प्रभु के संकीर्तन दल के नेतृत्व में वैष्णव मृदंग, मंजीरे और करताल के साथ हरिनाम संकीर्तन करते हुए पूरे मार्ग में नृत्य-कीर्तन करेंगे। इस्कॉन परंपरा के अनुसार महिलाओं का संकीर्तन नृत्य भी रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेगा। रथ यात्रा में गहने-नकदी नहीं लाने की अपील मीडिया प्रभारी डॉ. बालकृष्ण ने बताया कि रथयात्रा कथा के दौरान पुणे से आए श्यामानंद गौर प्रभु ने प्रवचन दिया। इस्कॉन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे रथयात्रा में महंगे स्वर्णाभूषण या अधिक नकदी लेकर न आएं तथा अपने मोबाइल और अन्य कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें।