जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट्स की सूची में 13वें स्थान पर है, लेकिन फ्लाइट्स में पैसेंजर्स की औसत संख्या के मामले में पीछे है। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार जयपुर एयरपोर्ट से 3.77 लाख पैसेंजर्स ने सफर किया। इस दौरान कुल 2849 फ्लाइट्स का संचालन हुआ। यानी एक फ्लाइट में औसतन 132.19 पैसेंजर्स रहे। देश के टॉप-15 व्यस्त एयरपोर्ट्स में जयपुर से नीचे केवल दो एयरपोर्ट हैं, जबकि समान श्रेणी के कई एयरपोर्ट्स पर प्रति फ्लाइट पैसेंजर्स की संख्या जयपुर से ज्यादा है। दरअसल, सितंबर में देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में दिल्ली पहले, मुंबई दूसरे और बेंगलुरु तीसरे स्थान पर रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पर 59.94 लाख पैसेंजर्स ने सफर किया। मुंबई में 40 लाख और बेंगलुरु में 32.58 लाख पैसेंजर्स दर्ज किए गए। इसके मुकाबले जयपुर एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की संख्या काफी कम रही। हालांकि, जयपुर ने देश के 15 सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स की सूची में अपनी जगह बनाए रखी। टॉप-15 व्यस्त एयरपोर्ट्स में जयपुर 13वें स्थान पर सितंबर 2026 में देश के एयरपोर्ट्स पर पैसेंजर्स की संख्या के आधार पर दिल्ली सबसे आगे रहा। दिल्ली एयरपोर्ट पर 59.94 लाख पैसेंजर्स दर्ज किए गए। मुंबई एयरपोर्ट 40 लाख पैसेंजर्स के साथ दूसरे और बेंगलुरु 32.58 लाख पैसेंजर्स के साथ तीसरे स्थान पर रहा। हैदराबाद एयरपोर्ट 20.84 लाख पैसेंजर्स के साथ चौथे और चेन्नई 16 लाख पैसेंजर्स के साथ पांचवें स्थान पर रहा। कोलकाता में 13.38 लाख पैसेंजर्स के साथ छठा और अहमदाबाद में 9.11 लाख पैसेंजर्स के साथ सातवां स्थान रहा। पुणे एयरपोर्ट 8.86 लाख पैसेंजर्स के साथ आठवें, कोच्चि 8.46 लाख के साथ नौवें और गुवाहाटी 4.59 लाख पैसेंजर्स के साथ दसवें स्थान पर रहा। गोवा एयरपोर्ट पर 4.50 लाख पैसेंजर्स दर्ज किए गए, जिससे वह 11वें स्थान पर रहा। लखनऊ एयरपोर्ट 4.49 लाख पैसेंजर्स के साथ 12वें और जयपुर 3.77 लाख पैसेंजर्स के साथ 13वें स्थान पर रहा। त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट 3.59 लाख पैसेंजर्स के साथ 14वें और नवी मुंबई 3.33 लाख पैसेंजर्स के साथ 15वें स्थान पर रहा। समान एयरपोर्ट्स में भी जयपुर पीछे जयपुर एयरपोर्ट की स्थिति समान श्रेणी के एयरपोर्ट्स के आंकड़ों से भी सामने आती है। सितंबर में गोवा एयरपोर्ट पर 4.50 लाख पैसेंजर्स ने सफर किया। यहां 2652 फ्लाइट्स का संचालन हुआ और प्रति फ्लाइट औसतन 169.84 पैसेंजर्स रहे। वाराणसी एयरपोर्ट पर 2.64 लाख पैसेंजर्स और 1605 फ्लाइट्स दर्ज की गई। यहां प्रति फ्लाइट औसतन 164.36 पैसेंजर्स रहे। त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर 3.60 लाख पैसेंजर्स ने सफर किया और 2340 फ्लाइट्स का संचालन हुआ। यहां औसत 153.79 पैसेंजर्स प्रति फ्लाइट रहा। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर 4.59 लाख पैसेंजर्स और 3229 फ्लाइट्स के साथ औसत 142 पैसेंजर्स प्रति फ्लाइट रहा। लखनऊ एयरपोर्ट पर 4.49 लाख पैसेंजर्स और 3228 फ्लाइट्स दर्ज की गईं। यहां प्रति फ्लाइट औसतन 139.10 पैसेंजर्स रहे। इसके मुकाबले जयपुर एयरपोर्ट पर 3.77 लाख पैसेंजर्स और 2849 फ्लाइट्स के साथ औसत 132.19 पैसेंजर्स प्रति फ्लाइट रहा। यानी इन सभी समकक्ष एयरपोर्ट्स में जयपुर का औसत सबसे कम रहा। फ्लाइट्स की संख्या के मुकाबले पैसेंजर्स कम जयपुर एयरपोर्ट पर सितंबर में 2849 फ्लाइट्स का संचालन हुआ, लेकिन प्रति फ्लाइट पैसेंजर्स का औसत 132.19 रहा। यह गोवा, वाराणसी, त्रिवेंद्रम, गुवाहाटी और लखनऊ के मुकाबले कम है। इससे साफ होता है कि जयपुर में फ्लाइट्स की आवाजाही के अनुपात में पैसेंजर्स की संख्या बढ़ाने की गुंजाइश है। देश के टॉप-15 एयरपोर्ट्स में जयपुर 13वें स्थान पर है। वहीं, गुवाहाटी, गोवा और लखनऊ जैसे एयरपोर्ट्स पैसेंजर्स की संख्या में जयपुर से आगे हैं। हालांकि जयपुर में विंटर सीजन में ही ज्यादातर पर्यटक ट्रैवल करना पसंद करते हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जयपुर की रैंकिंग में सुधार आ सकता है। एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार जयपुर में कई रूट के लिए जिनमें लखनऊ, चंडीगढ़ जैसे शहर शामिल है। उनके लिए छोटे एटीआर विमान संचालित होते हैं। जिनकी सीटिंग कैपेसिटी कैपेसिटी 72 पैसेंजर्स की काफी कम होती है। ज्यादातर प्रदेश के शहरों के लिए जयपुर से इन्हें ही संचालित किया जा रहा है। जबकि दूसरे शहरों में छोटे विमान की जगह एयरलाइन कंपनी एअरबस और A - 320 जैसे बड़े विमान संचालित करती है। जिनकी सीटिंग कैपेसिटी ज्यादा होती है। यह भी जयपुर की घटती रैंकिंग का एक कारण है।