जयपुर में कपड़े सुखाने को लेकर विवाद हो गया। सिरसी रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले दंपती ने असम मूल की महिला के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं पति-पत्नी ने नस्लभेदी टिप्पणियां भी की। लिफ्ट में जाते समय आरोपी पति-पत्नी ने महिला के बाल खींचे और मारपीट की। मामले में बिंदायका थाना पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, मारपीट के आरोपी पति अभिनव जैन को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। लिफ्ट में जाते समय रोका, पत्नी ने बाल पकड़कर पीटा बिंदायका थानाधिकारी अनिल जैमिनी ने बताया कि घटना 31 अक्टूबर को सिरसी इलाके के एक अपार्टमेंट की है। यहां असम मूल की महिला का अपार्टमेंट में रहने वाले अभिनव जैन और उसकी पत्नी सोमा जैन से छत पर कपड़े सुखाने की बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसके बाद जब पीड़िता लिफ्ट में जा रही थी, तब अभिनव जैन ने लिफ्ट का गेट रोक लिया और उसकी पत्नी सोमा जैन ने महिला के साथ मारपीट की। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें महिला पीड़िता के बाल पकड़कर मारपीट करती नजर आ रही है। घटना के दौरान पीड़िता का तीन साल का बच्चा भी मौजूद था। असम एसोसिएशन ने लगाए नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप इस मामले में असम एसोसिएशन ने भी हस्तक्षेप करते हुए पति-पत्नी पर नस्लभेदी और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन की ओर से जारी बयान के अनुसार, पीड़ित महिला पिछले 8 महीने से अपने पति और तीन साल के बच्चे के साथ सिरसी रोड स्थित अपार्टमेंट में रह रही हैं। उनके पति एक बैंक में कार्यरत हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि पीड़िता छत पर कपड़े सुखाने गई थी। इस दौरान अभिनव जैन ने पूर्वोत्तर भारत की पहचान को लेकर नस्लभेदी और आपत्तिजनक टिप्पणी की। विरोध करने पर अभिनव जैन और उसकी पत्नी सोमा जैन ने महिला के साथ अभद्रता और मारपीट की। एसोसिएशन ने यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस जांच जारी, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग थानाधिकारी के अनुसार, पीड़िता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पति को शांतिभंग की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। मामले में जांच जारी है। वहीं, असम एसोसिएशन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि तीन साल के बच्चे के सामने महिला के साथ मारपीट हुई और पूर्वोत्तर भारत के लोगों को लेकर की गई कथित नस्लभेदी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।