विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- सात साल से EWS आरक्षण में सरलीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसका खमियाजा खासतौर पर ग्रामीण परिवेश के युवाओं और महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। जयपुर में रविवार को बाड़मेर के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने यह कहा। भाटी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण में सरलीकरण की मांग को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। भाटी ने बताया- कई मामलों में पिता और पति की आय के आधार पर महिलाओं के आवेदन निरस्त हो जाते हैं। ऐसे में नियमों को सरल बनाने की जरूरत है, ताकि महिलाओं को भी आरक्षण का वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद कर EWS आरक्षण के नियमों में बदलाव की मांग उठाई। 7 साल से उठ रही मांग मीडिया से बातचीत में रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- EWS आरक्षण में सरलीकरण की मांग वर्ष 2019 से उठाई जा रही है। पिछले सात साल में अलग-अलग जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने अपने स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है। राजस्थान की पूर्ववर्ती सरकार ने राज्य स्तर पर EWS प्रमाण पत्र के नियमों में कुछ राहत दी थी, लेकिन केंद्र सरकार के स्तर पर अब भी कई शर्ते लागू हैं। भाटी ने कहा- इन शर्तों के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कई वास्तविक जरूरतमंद युवा आरक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया और पात्रता के नियमों में सरलीकरण करना चाहिए। उन्होंने कहा- EWS आरक्षण का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए जमीन से जुड़ी शर्तों में राहत और महिलाओं को आयु सीमा में छूट दी जानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और युवाओं ने भी मंच से EWS नियमों को सरल बनाने की मांग उठाई। डबल इंजन सरकार को युवाओं के हित में फैसला लेना चाहिए भाटी ने कहा- राजस्थान और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। इसे डबल इंजन की सरकार कहा जाता है। ऐसे में अब केंद्र सरकार को EWS आरक्षण के नियमों में बदलाव कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को राहत देनी चाहिए। उन्होंने कहा- EWS आरक्षण में कई ऐसी शर्तें और बाधाएं हैं, जिनके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक निर्णय करना चाहिए। उन्हें उम्मीद है कि डबल इंजन की सरकार इस मांग पर विचार करेगी। महिलाओं को आयु में मिले छूट, जमीन की शर्त में हो बदलाव भाटी ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए आयु सीमा में छूट देने की मांग की। उन्होंने कहा- सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन EWS प्रमाण पत्र और आरक्षण से जुड़े नियमों में महिलाओं को भी राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा- राजस्थान में राज्य स्तर पर EWS प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जमीन संबंधी शर्तों में छूट दी गई है। इसके साथ ही आयु सीमा में भी राहत का प्रावधान किया गया है। वहीं केंद्र सरकार के स्तर पर प्रमाण पत्र बनवाने में अब भी कई तरह की दिक्कतें आती हैं। युवाओं के वोट से सत्ता में आई सरकार, अब उनकी मांगों पर फैसला करे शिव विधायक भाटी ने कहा- प्रदेश में वर्तमान सरकार को सत्ता तक पहुंचाने में अनारक्षित वर्ग के युवाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवाओं ने सरकार से उम्मीदें लगाकर समर्थन दिया है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और EWS आरक्षण में सरलीकरण के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए नियमों में मौजूद व्यावहारिक बाधाओं को दूर करना जरूरी है। कांग्रेस की रैली पर बोले- सड़कें सूनी होंगी तो संसद आवारा हो जाएगी दिल्ली में कांग्रेस की रैली को लेकर पूछे गए सवाल पर भाटी ने कहा- लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा-जब सड़कें सूनी हो जाती हैं, तो संसद आवारा हो जाती है। लोगों को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए सड़क पर संघर्ष करते रहना चाहिए। भाटी ने कहा कि EWS सरलीकरण की मांग भी इसी तरह लगातार उठाई जा रही है। जब तक नियमों में जरूरी बदलाव नहीं होंगे, तब तक वास्तविक जरूरतमंद लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने भी EWS आरक्षण में सरलीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया। भाटी ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या क्षेत्र का मुद्दा नहीं है, बल्कि प्रदेश और देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।