दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। राजस्थान में 30 दिन में स्टैंडर्ड सोना 10 हजार 700 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है, जबकि चांदी की कीमत में 44 हजार रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है। इसके बावजूद त्योहारी सीजन में सर्राफा बाजार को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल रही है। आम खरीदार फिलहाल सोने-चांदी में निवेश करने से बच रहे हैं। जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार 24 कैरेट स्टैंडर्ड सोने की कीमत 1 लाख 42 हजार 200 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई है। वहीं 22 कैरेट जेवराती सोना 1 लाख 31 हजार 400 रुपए, 18 कैरेट सोना 1 लाख 10 हजार 800 रुपए और 14 कैरेट सोना 88 हजार 100 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। चांदी की कीमत घटकर 1 लाख 84 हजार 800 रुपए प्रति किलो रह गई है। जयपुर सर्राफा एसोसिएशन के राकेश खंडेलवाल ने बताया- दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में इतनी गिरावट कभी नहीं हुई। इससे पहले इस त्योहार पर कीमतों में हमेशा बढ़ोतरी होती थी। सोने-चांदी की खरीदारी सबसे ज्यादा दिवाली और धनतेरस पर ही होती है, जिसकी वजह से हमेशा कीमतों में उछाल आता था। सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, खरीदारी का उत्साह नहीं सर्राफा बाजार में पिछले एक महीने के दौरान कीमतों में आई गिरावट ने कारोबारियों और निवेशकों को चौंका दिया है। बाजार में इसे बड़ी गिरावट माना जा रहा है। कीमतों में गिरावट के बाद भी बड़ी खरीदारी देखने को नहीं मिल रही। आमतौर पर दिवाली और धनतेरस से पहले सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन इस बार बाजार में ग्राहकों का रुझान कमजोर बताया जा रहा है। कई खरीदार कीमतों में और गिरावट आने की संभावना के चलते खरीदारी का फैसला टाल रहे हैं। जयपुर सर्राफा एसोसिएशन के राकेश खंडेलवाल ने बताया- त्योहारी सीजन होने के बावजूद बाजार में अपेक्षित कारोबार नहीं हो रहा। खरीदार फिलहाल बाजार की चाल पर नजर रख रहे हैं और कीमतों में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में और टूट की आशंका राकेश खंडेलवाल का कहना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। रिकॉर्ड गिरावट के बाद भी सोने-चांदी के भाव में और कमी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। जो लोग सोने और चांदी में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें लंबी अवधि के निवेश को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। कम समय में मुनाफा कमाने की उम्मीद से निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार में लगातार बदलाव के बीच जल्दबाजी में की गई खरीदारी निवेशकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। धनतेरस से पहले खरीदारों की नजर कीमतों पर दिवाली और धनतेरस के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस समय सर्राफा बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद रहती है। इस बार कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद खरीदार खुलकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं। कारोबारी मानते हैं कि ग्राहक फिलहाल कीमतों की दिशा को समझने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में धनतेरस तक भाव स्थिर होते हैं या गिरावट का सिलसिला जारी रहता है, इसका असर त्योहारी कारोबार पर भी दिखाई देगा।