जयपुर में बाप-बेटा बनकर आए दो ठगों ने फिल्मी अंदाज में एक ज्वैलर की करीब 10 लाख रुपए की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। दोनों आरोपी बाप-बेटे बनकर लग्जरी होटल में ठहरे थे। यहां पर इन्होंने ज्वेलर को फोन कर 10 लाख रुपए की ज्वेलरी खरीदने का झांसा दिया। MI रोड स्थित विनायक ज्वेलर्स के मालिक ने अपने कर्मचारी को सोने की चेन, अंगूठियां और अन्य गहने देकर दिखाने के लिए होटल भेज दिया। यहां आरोपियों ने कर्मचारी को चाय पिलाई और बातचीत में उलझाकर ज्वेलरी से भरा बैग लेकर होटल के पिछले गेट से फरार हो गए। इससे पहले आरोपियों ने होटल में ही रहकर इंस्टाग्राम पर आभूषण पसंद किए थे। सुबह की फ्लाइट से जाने का बहाना बनाकर व्यापारी को होटल में ही ज्वेलरी लेकर आने का बोला। आरोपी 10 लाख के आभूषण लेकर फरार हो गए। आरोपी होटल में अपना सामान और कपड़े तक छोड़ गए, जबकि कमरे का किराया भी नहीं चुकाया। घटना सोडाला थाना इलाके के होटल हरिमहल पैलेस की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यहां देखें घटना से जुड़े तीन फोटो ज्वैलर को फोन कर होटल में मंगवाई ज्वेलरी सोडाला एसीपी जेठू सिंह ने बताया कि दो लोग होटल हरिमहल पैलेस में ठहरे हुए थे। इनमें से एक ने अतुल शर्मा के नाम की आईडी से होटल में कमरा बुक करवाया था। इसके बाद उन्होंने एमआई रोड स्थित विनायक ज्वेलर के मालिक को फोन कर करीब 10 लाख रुपए की ज्वेलरी खरीदने की बात कही। ज्वैलर ने उनकी बातों पर भरोसा कर अपने कर्मचारी महेश शर्मा को सोने की चेन, अंगूठियां और अन्य गहने देकर होटल भेज दिया। बदमाशों ने आभूषण की कीमत के बदल पांच लाख रुपए कैश और पांच लाख रुपए ऑनलाइन देने का भरोसा दिलाया था। चाय पिलाकर कर्मचारी को कमरे में उलझाया होटल पहुंचने पर दोनों आरोपियों ने ज्वेलर के कर्मचारी को अपने कमरे में बुला लिया। इसके बाद उसे चाय पिलाई और बातचीत में उलझाए रखा। इसी दौरान एक आरोपी ने कर्मचारी से कहा कि वह ज्वैलरी अपने परिजनों को दिखाकर आता है। वह गहनों से भरा बैग लेकर कमरे से बाहर निकल गया। करीब पांच मिनट तक जब वह वापस नहीं आया तो दूसरा आरोपी भी उसे बुलाने के बहाने कमरे से बाहर चला गया। जाते समय उसने कर्मचारी से आराम से चाय पीने के लिए कहा। पिछले गेट से निकले, होटल का किराया भी नहीं दिया दोनों आरोपी ज्वेलरी से भरा बैग लेकर होटल के पिछले गेट से फरार हो गए। इधर कर्मचारी कमरे में उनके लौटने का इंतजार करता रहा। काफी देर तक दोनों के नहीं लौटने पर उसे शक हुआ। तलाश करने पर दोनों का कोई पता नहीं चला। होटल स्टाफ के मुताबिक, आरोपियों ने दो दिन के लिए कमरा बुक कराया था। वे कमरे में अपना सामान और कपड़े छोड़ गए, और होटल का किराया भी नहीं चुकाया। एक आरोपी पैर से दिव्यांग, आईडी भी संदिग्ध पुलिस के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति पैर से दिव्यांग है और उसका एक पैर नहीं है। कमरे की बुकिंग के लिए अतुल नाम की आईडी दी गई थी। होटल के स्वागत कक्ष पर मौजूद धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे बदमाशों ने आभूषण व्यापारी के कर्मचारी को होटल के पिछले गेट से अंदर बुलाया। गेट के सुरक्षा गार्ड ने रोका तो बदमाश खुद वहां पहुंचे और मेहमान होने का हवाला देकर कर्मचारी को कमरे तक ले गए। पुलिस को आशंका है कि आईडी के रूप में इस्तेमाल किया गया आधार कार्ड फर्जी हो सकता है। पुलिस अब आरोपियों की वास्तविक पहचान, उनके आपसी संबंध और फरार होने के रास्ते की जांच कर रही है।