जयपुर में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में सट्टेबाजी का संगठित नेटवर्क चलाकर करोड़ों रुपए का लेनदेन करने वाले गिरोह का करणी विहार थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे म्यूल हंटर अभियान के तहत जयपुर वेस्ट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की वेबसाइटों के पैनल खरीदकर उनका संचालन कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से जुड़े 50 से अधिक बैंक खातों और 35 से ज्यादा UPI ID को ब्लॉक करवाया है। इन खातों में करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेनदेन सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैकेंद्र यादव (31), निवासी मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर, मुकेश गुर्जर (27), निवासी बालोतरा, रमेश कुमार जाट (22), निवासी पचपदरा, बालोतरा, रमेश कुमार जाट (26), निवासी समदड़ी रोड, बालोतरा, शैलेन्द्र शर्मा (26), निवासी मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर, रोहित मेघवाल (23), निवासी मदनगंज-किशनगढ़, अजमेर और लक्ष्मण कुमार (25), निवासी बालोतरा के रूप में हुई है। ऑनलाइन गेमिंग पैनल खरीदकर चलाते थे सट्टेबाजी डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी खुद ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की वेबसाइटों के पैनल खरीदकर उनका संचालन कर रहे थे। आरोपियों के पास एक मास्टर आईडी भी मिली, जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। आरोपी विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टा खिलाते थे। इसमें अधिकांश लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। 50 बैंक खाते और 35 UPI ID ब्लॉक पुलिस ने आरोपियों से जुड़े 50 से अधिक बैंक खातों का पता लगाकर उन्हें ब्लॉक करवाया है। इसके साथ ही 35 से अधिक UPI ID भी ब्लॉक करवाई गई हैं। इन बैंक खातों में करोड़ों रुपए का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन सामने आया है। पुलिस ने खातों में उपलब्ध करीब 5 लाख रुपए फ्रीज करवाए हैं। इसके अलावा आरोपियों से जुड़े करीब 3,200 USDT भी ब्लॉक करवाए गए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 3.50 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी सट्टेबाजी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए अलग-अलग बैंक खातों, UPI ID और USDT वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे थे। जांच में क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भी डिजिटल लेनदेन किए जाने का खुलासा हुआ है। 19 मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 20 सिम कार्ड जब्त किए हैं। जब्त उपकरणों, मास्टर आईडी, बैंक खातों, UPI ID और USDT वॉलेट का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही पैनल उपलब्ध करवाने वाले लोगों, सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और वित्तीय लेनदेन में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड के तकनीकी विश्लेषण से पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।