जयपुर में 2 करोड़ रुपए के GPS उपकरण चोरी करने के मामले का सांगानेर सदर थाना पुलिस ने रविवार रात को खुलासा किया है। आरोपियों ने कंपनी के एक पुराने कस्टमर की ID का इस्तेमाल कर बिना भुगतान किए फर्जी ऑर्डर तैयार करवाए और उपकरण हासिल कर लिए। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेवेन्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के शिपिंग सिस्टम में सेंध लगाकर करीब दो करोड़ रुपए कीमत के बैंकिंग जीपीएस उपकरण चोरी किए थे। कंपनी के पुराने कस्टूमर की आईडी का यूज कर आरोपियों ने 4826 फेक ऑर्डर तैयार किए। इनमें करीब 4500 उपकरण अलग-अलग एड्रेस पर मंगवाकर मार्केट में कम दाम में बेच दिए। कंपनी के निदेशक सार्थक जैन ने 29 अक्टूबर को सांगानेर सदर थाने में FIR दर्ज करवाई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद कंपनी के ही दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के उपकरण, नकदी और सामान बरामद किया है। बिना भुगतान तैयार किए फेक ऑर्डर पिछले 4 से 6 महीनों में शिपरॉकेट खाते में करीब 2 करोड़ रुपए के 4826 फेक ऑर्डर बनाए गए। प्रीपेड दर्शाया गया, जबकि कंपनी के पेमेंट गेटवे पर इनकी कोई भुगतान एंट्री नहीं थी। असली ऑर्डर आईडी की नकल करने के साथ पुराने ग्राहकों के नाम और ई-मेल का आरोपियों ने इस्तमाल किया। डिलीवरी से पहले मोबाइल नंबर बदलकर ओटीपी अपने नंबरों पर मंगवाए गए। जयपुर में करीब 1500 पार्सल की डिलीवरी होने की बात भी सामने आई। कंपनी के दो कर्मचारी निकले मास्टरमाइंड डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि मामले की जांच के बाद रविवार को पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कंपनी के कर्मचारी अजरुद्दीन उर्फ अजहर (22) और मोहम्मद जैद (23) निवासी ईदगाह गलतागेट को गिरफ्तार किया है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि ऑर्डर बुक करने के बाद आरोपियों ने डिलीवरी एड्रेस बदलकर उपकरण अपने पास मंगवा लिए। इसके बाद इन्हें बाजार में कम कीमत पर बेच दिया। 162 डिवाइस, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपए बरामद सांगानेर सदर थाना प्रभारी कमलेश शर्मा ने बताया कि दोनों के पास से 162 जीपीएस 8.0 उपकरण, 103 एंटीना और 3.50 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी के उपकरण बेचकर मिली रकम से खरीदा गया लैपटॉप, प्रिंटर, सिलाई मशीनें और कुर्सियां भी जब्त की हैं। पुलिस अब बेचे गए उपकरणों के खरीदारों और अन्य संलिप्त लोगों का पता लगा रही है। बैंकिंग लेन-देन में इस्तेमाल होते हैं डिवाइस थाना प्रभारी ने बताया कि रेवेन्स जीपीएस 8.0 उपकरणों का इस्तेमाल एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों (सीएसपी) और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के जरिए होने वाले बैंकिंग लेन-देन में किया जाता है। प्रत्येक डिवाइस का अलग सीरियल नंबर कंपनी के प्लेटफॉर्म पर दर्ज रहता है।