जयपुर में मंदिरों में चोरी करने वाले 15 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी पवन मीणा पिछले करीब 10 महीने से फरार चल रहा था। इसके साथियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। साथियों की गिरफ्तारी के आरोपी पवन मोबाइल फोन बंद कर महाराष्ट्र में छिपकर रह रहा था। दीपावली पर गांव आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ चोरी नकबजनी और लूट के करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए खोरा बीसल थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। दो रात में आधा दर्जन से ज्यादा मंदिरों में की चोरी 8 फरवरी 2026 को खोरा बीसल थाना क्षेत्र के मनशारामपुरा स्थित ग्वाला बाबा सेवा समिति के मंदिर में चोरी की घटना से हुई थी। मंदिर समिति अध्यक्ष रामूलाल शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि रात करीब 1 से 2 बजे के बीच चार चोर मंदिरों और मुख्य दरवाजों के ताले तोड़कर अंदर घुसे। बदमाश मंदिर से छत्र, मुकुट, सिंहासन, कटोरी, सीतामाता की नाक की नथ, छत का पंखा और शिव मंदिर का दानपात्र चोरी कर ले गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज में उसी रात खोरा बीसल, बिंदायका और हरमाड़ा थाना क्षेत्रों के अन्य मंदिरों में भी चोरी की वारदात सामने आई। इसके बाद दूसरी रात कालाडेरा और गोविंदगढ़ क्षेत्र के मंदिरों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने दो रात में आधा दर्जन से अधिक मंदिरों में चोरी की थी। बोलेरो लेकर घूमते थे बदमाश, दिन में करते थे रेकी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वारदातों के दौरान एक बोलेरो गाड़ी संदिग्ध रूप से घूमती नजर आई। जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में मंदिरों की रेकी करते थे और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात में इस्तेमाल ताले तोड़ने के औजार भी बरामद किए गए। आरोपी पवन मीणा अपने साथियों के साथ परिचित से बोलेरो गाड़ी मांगकर लेकर वारदात करने पहुंचता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मोहनलाल सैनी, सुवालाल चौधरी उर्फ सुनील मारवाड़ी और मंगलचंद सैनी उर्फ बलदेव को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब आधा किलो चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य चोरी का सामान बरामद किया गया था। तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था। साथियों की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र में छिपा साथियों की गिरफ्तारी के बाद पवन मीणा अपना मोबाइल फोन बंद कर राजस्थान से बाहर फरार हो गया था। जांच में सामने आया कि उसने चोरी की वारदातों में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी अपनी बुआ के बेटे राहुल मीणा निवासी पीपलोदा का बास, खंडेला (सीकर) से मांगकर ली थी। पुलिस आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान खोरा बीसल थाने के कांस्टेबल शीशराम को मुखबिर से सूचना मिली कि पवन मीणा अपनी पहचान छिपाकर महाराष्ट्र में रह रहा है और दीपावली पर गांव आने वाला है। पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर उसकी निगरानी शुरू की। 2 नवंबर को आरोपी के गांव की तरफ आने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज, कई मामलों में था वांछित पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पवन मीणा पुत्र कैलाश चंद मीणा (29) निवासी बृसिंहपुरा, थाना कालाडेरा, जयपुर ग्रामीण के खिलाफ चोरी, लूट और नकबजनी के करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ करधनी, चौमूं, कालवाड़, कालाडेरा, बिंदायका, हरमाड़ा, खोरा बीसल, गोविंदगढ़ और सामोद सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब फरार नाबालिग आरोपी और वारदात में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में चोरी, लूट और नकबजनी की अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। कार्रवाई में इनकी रही भूमिका कार्रवाई डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता और एसीपी झोटवाड़ा शिवकुमार भारद्वाज के सुपरविजन में की गई। खोरा बीसल थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में एसआई अभिषेक स्वामी, हेड कांस्टेबल कैलाश चंद, कांस्टेबल रामसिंह और कांस्टेबल शीशराम शामिल रहे। आरोपी की गिरफ्तारी में कांस्टेबल शीशराम की विशेष भूमिका रही।