राजधानी जयपुर में रेजिडेंशियल अपार्टमेंट के बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने का मामला सामने आया है। दुर्गापुरा के महारानी फार्म स्थित गायत्री नगर बी में विदूशी रेजिडेंशियल अपार्टमेंट के बेसमेंट में कपड़ों की सिलाई का काम करवाया जा रहा है। आरोप है कि अपार्टमेंट के बिल्डर ने बेसमेंट को किराए पर देकर अरुवा इंटीरियर्स फर्म के नाम से यह काम शुरू करवा रखा है। यहां बड़ी मात्रा में कपड़ा रखा रहता है, लेकिन बिल्डिंग में आग से बचाव के लिए फायर सेफ्टी के कोई उपकरण नहीं हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों की जान खतरे में पड़ सकती है। बेसमेंट में कपड़ों का काम, आग का खतरा स्थानीय निवासियों के अनुसार, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट में पिछले करीब डेढ़ साल से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बेसमेंट में कपड़ों की सिलाई का काम होता है और बड़ी मात्रा में कपड़ा रखा जाता है। निवासियों का कहना है कि आवासीय भवन में इस तरह का काम सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा है। बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के उपकरण भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। विरोध किया तो गुंडे बुलाकर धमकाने का आरोप अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने जब इस गतिविधि का विरोध किया तो किराए पर काम संचालित कर रहे हिमांशु शर्मा पर गुंडे बुलाकर निवासियों को धमकाने का आरोप लगाया है। इससे अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। निवासियों का कहना है कि वे अपने ही घर में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। JDA ट्रिब्यूनल ने दिया सील करने का आदेश मामले को लेकर अपार्टमेंट के निवासियों ने जेडीए ट्रिब्यूनल कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद 30 सितंबर को कोर्ट ने संबंधित परिसर को सील करने का आदेश दिया। हालांकि, निवासियों का आरोप है कि आदेश के बावजूद अब तक जेडीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 12 फ्लैट, 8 में रह रहे परिवार विदूशी अपार्टमेंट में कुल 12 फ्लैट हैं। इनमें से 8 फ्लैट में परिवार रहते हैं। अपार्टमेंट निवासी विरेंद्र चौधरी ने बताया कि वह पिछले तीन साल से अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ यहां रह रहे हैं। करीब डेढ़ साल से अपार्टमेंट में कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से कपड़ों की सिलाई का काम चलाया जा रहा है। जेडीए में शिकायत करने के बावजूद अब तक इस गतिविधि को बंद नहीं करवाया गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने और अपार्टमेंट के परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।