जैसलमेर जोन में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के सिंचाई पानी के रेगुलेशन में बदलाव और निर्धारित मात्रा में पानी नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश है। रबी फसल 2026-27 की सिंचाई के लिए जारी रेगुलेशन में जैसलमेर जोन के हिस्से का पानी पूरा नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की ओर से पानी के वितरण में जैसलमेर जोन के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इससे किसानों की फसलों की बुवाई और सिंचाई प्रभावित होने की आशंका है। इस संबंध में किसानों ने 31 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के नाम मोहनगढ़ पुलिस को को ज्ञापन सौंपकर जैसलमेर जोन के हिस्से की पानी की क्षतिपूर्ति करने की मांग की है। सिंचाई पानी रेगुलेशन में भेदभाव के आरोप ज्ञापन में बताया कि सिंचाई विभाग ने रबी फसल 2026-27 के लिए 6+1 बारी का रेगुलेशन जारी किया था। इसमें 30 सितंबर 2026 शाम 6 बजे से 17 अक्टूबर तक चार में से दो ग्रुप चलाए गए। इस दौरान जैसलमेर जोन का हिस्सा 1800 क्यूसेक निर्धारित था, लेकिन किसानों के अनुसार इस अवधि में जैसलमेर जोन को शून्य पानी मिला। वहीं 9 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक 2060 क्यूसेक पानी के रेगुलेशन में जैसलमेर जोन को केवल 1000 क्यूसेक पानी दिया गया। किसानों का कहना है कि इस दौरान भी निर्धारित हिस्से के मुकाबले कम पानी मिला। किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई का पानी किसानों ने बताया कि 17 अक्टूबर से चार में से तीन ग्रुप का रेगुलेशन शुरू किया गया। इसमें जैसलमेर जोन का हिस्सा 1800 क्यूसेक था, लेकिन जोन को मात्र एक-दो दिन तक करीब 1500 क्यूसेक पानी ही मिल पाया। इसके बाद नहरों में सिंचाई का पानी घटकर 600 से 700 क्यूसेक रह गया। कुछ नहरों में 300 से 400 क्यूसेक पानी ही चलने की स्थिति बनी। किसानों का आरोप है कि 1254 आरडी से आगे जैसलमेर जोन में पानी का प्रवाह शून्य हो गया, जबकि पीछे की अन्य जोनों में लगातार सिंचाई पानी दिया जा रहा है। मेहनत और लागत पर संकट ज्ञापन में कहा कि अन्य जोनों में किसानों की दो-दो बारियां पूरी हो चुकी हैं, जबकि जैसलमेर जोन में आज तक एक बारी भी कई नहरों में नहीं चली है। किसानों ने खाद और बीज खरीदकर खेतों में बुवाई की तैयारी कर ली है। कई किसानों ने लाखों रुपए खर्च कर खेत तैयार किए हैं। ऐसे में समय पर सिंचाई पानी नहीं मिलने से उनकी पूरी मेहनत और लागत पर संकट खड़ा हो गया है। आंदोलन की चेतावनी दी किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जैसलमेर जोन को उसके निर्धारित हिस्से का पूरा पानी समय पर नहीं दिया गया तो किसान मजबूर होकर आंदोलन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और नहर प्रशासन की होगी। किसानों ने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप कर पानी की क्षतिपूर्ति करवाने और सिंचाई का पानी निर्धारित समय पर उपलब्ध करवाने की मांग की है।