जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की चारदीवारी पर बुधवार रात अचानक आग लगने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। किले की चारदीवारी पर उगी सूखी घास में आग लगने से ऊंची लपटें उठने लगीं। रात के समय अचानक आग की लपटें दिखाई देने पर आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। लोगों ने आग को देखकर तत्काल फायर स्टेशन को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद नगर परिषद की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने बिना देरी किए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। चारदीवारी पर उगी सूखी घास में आग तेजी से फैल रही थी। ऐसे में दमकल कर्मियों ने करीब 15 मिनट तक कड़ी मशक्कत की और आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद स्थानीय लोगों और वहां से गुजर रहे राहगीरों ने राहत की सांस ली। अचानक उठीं लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार रात किले की चारदीवारी पर अचानक आग की लपटें दिखाई देने लगीं। सूखी घास होने के कारण आग तेजी से फैलती नजर आई। ऐतिहासिक दुर्ग की दीवार पर आग की लपटें देखकर लोग मौके पर जमा हो गए। आग को लेकर लोगों में चिंता भी देखी गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने समय रहते फायर स्टेशन को सूचना दी, जिससे दमकल मौके पर पहुंच सकी और आग को फैलने से पहले नियंत्रित कर लिया गया। पटाखों से आग लगने की आशंका फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर पटाखों के कारण सूखी घास में आग लगने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद एक बार फिर ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की चारदीवारी पर उगी सूखी घास और उसकी नियमित सफाई को लेकर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। समय रहते दमकल के पहुंचने और आग पर काबू पाने से स्थिति नियंत्रित हो गई। आग बुझने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की।