जालोर जिले की आलासन ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव परिणाम को लेकर विवाद गहरा गया है। सरपंच प्रत्याशी प्रकाश कंवर पत्नी करण सिंह ने मतगणना में अनियमितता और धांधली के आरोप लगाते हुए दोबारा मतगणना कराने की मांग की है। इसको लेकर प्रकाश कंवर के पति सोमवार को कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी धरने पर बैठे हैं। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत देकर मतगणना की सीसीटीवी फुटेज और वीडियोग्राफी सुरक्षित रखने, उच्चस्तरीय जांच कराने और कमेटी की निगरानी में दोबारा मतगणना कराने की मांग की है। साथ ही मौजूद रिटर्निंग अधिकारी पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। री-काउंटिंग में गड़बड़ी का आरोप
प्रकाश कंवर ने शिकायत में बताया कि 30 अक्टूबर को मतदान के बाद हुई प्रारंभिक मतगणना में उन्हें विजयी घोषित किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी रुकमा देवी पत्नी जोग सिंह की ओर से पुनर्मतगणना की मांग की गई। आरोप है कि इस दौरान उनके अधिकृत एजेंट पर दबाव बनाकर सहमति के हस्ताक्षर करवाए गए और पुनर्मतगणना की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गईं। 3127 मतों की जगह पुनर्मतगणना में मिले 3125 मत
शिकायत के अनुसार, मतदान केंद्र पर कुल 3127 मत डाले गए थे, जबकि पुनर्मतगणना के दौरान मतपत्रों के बंडल खोलने पर केवल 3125 मत ही मिले। इस तरह दो मत कम मिलने पर प्रत्याशी ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनके पक्ष में पड़े वैध मतों को अवैध घोषित कर परिणाम बदल दिया गया और प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया। प्रकाश कंवर ने बताया कि 31 अक्टूबर को उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी को लिखित आवेदन देकर दोबारा मतगणना कराने की मांग की थी, लेकिन इस पर कार्रवाई किए बिना उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया गया। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी और मतगणना में शामिल कार्मिकों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। रात 4 बजे बूथ पर पहुंचकर एजेंट को धमकाने का आरोप
प्रकाश कंवर के पति ने आरोप लगाया कि रात करीब 4 बजे भाजपा नेता पुखराज विराना बूथ पर पहुंचे और वहां मौजूद एजेंट को धमकाया। वहीं धरना स्थल पर पहुंचे मारवाड़ राजपूत सभा के जिला प्रतिनिधि भवानी सिंह देता ने भी मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना बूथ और वार्ड के अनुसार नहीं की जा सकती, इसके बावजूद गांव में विवाद पैदा करने के लिए वार्डवार मतगणना करवाई गई। उन्होंने बताया कि रात करीब 2 बजे मतगणना पूरी होने के बाद दो वोटों से जीत की घोषणा की गई थी। इस दौरान नोटा और खारिज मतों को लेकर भी आपत्तियां सामने आईं। इसके बाद प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी रुकमा देवी की ओर से पुनर्मतगणना की मांग की गई। आरोप है कि पुनर्मतगणना के दौरान दो मतों के बंडल कम मिले। इस संबंध में सवाल पूछने पर रिटर्निंग अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन से 30 अक्टूबर की मतगणना की पूरी सीसीटीवी फुटेज और आधिकारिक वीडियोग्राफी सुरक्षित रखने, उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने और दोबारा मतगणना करवाने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक चुनाव परिणाम और शपथ ग्रहण प्रक्रिया स्थगित रखने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। यह खबर भी पढ़िए… जालोर के आलासन गांव में एक वोट से जीतीं रकमा-देवी:री-काउंटिंग में प्रकाश तंवर हारीं, समर्थक बोले- आरओ ने गड़बड़ी की