वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को जालोर में मिशन लाइफ के तहत सतत जीवनशैली सप्ताह की शुरुआत हुई। पहले दिन वॉकथान और योग सेशन के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसमें अधिकारी-कर्मचारी, नर्सिंग स्टूडेंट्स, स्कूली बच्चे, खिलाड़ी और आमजन शामिल हुए। प्रतिभागियों को ऊर्जा और जल बचत, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। 7 नवंबर तक अलग-अलग विषयों पर जागरूकता गतिविधियां होंगी। वॉकथान और योग सेशन से हुई शुरुआत सप्ताह के पहले दिन वॉकथान और योग सेशन आयोजित किए गए। इसमें शामिल प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा एवं जल बचत, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त वातावरण और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मिशन लाइफ की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत, DFO जयदेव सिंह चारण, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक भंवरलाल परमार, वन विभाग के ACF भंवर सिंह सोढ़ा और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनीता वर्मा मौजूद रहे। इनके अलावा शिक्षा एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नर्सिंग स्टूडेंट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी और गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया। 2 नवंबर को ऊर्जा बचत के लिए होंगे कार्यक्रम मिशन लाइफ के तहत 2 नवंबर को ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। इसके लिए सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में स्विच ऑफ ऑवर रखा जाएगा। लोगों को बिजली बचाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। 3 और 4 नवंबर को जल संरक्षण और मोटे अनाज पर जोर 3 नवंबर को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने के लिए गतिविधियां होंगी। 4 नवंबर को मोटे अनाज और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के साथ खाद्य अपव्यय रोकने और जैविक खाद बनाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्लास्टिक और ई-कचरे के निस्तारण पर भी अभियान 5 नवंबर को प्लास्टिक मुक्त बाजार और परिसर अभियान चलाया जाएगा। इसमें कपड़े के थैले और दोबारा इस्तेमाल की जा सकने वाली बोतलों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। 6 नवंबर को ई-कचरे के संग्रहण और सुरक्षित निस्तारण के लिए जागरूकता गतिविधियां होंगी। वहीं, 7 नवंबर को स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और रिड्यूस, रीयूज एवं रीसाइकिल के महत्व के बारे में बताया जाएगा।