बॉयफ्रेंड के साथ पहाड़ी पर गई युवती का वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी देने और 10 हजार रुपए मांगने के बाद उसे जंगल में ले जाकर रेप करने के मामले में झालावाड़ जिला एवं सत्र कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाहों के बयान करवाए गए और 88 दस्तावेज कोर्ट में प्रदर्शित किए गए। वीडियो बनाकर दी बदनाम करने की धमकी लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 6 मई 2023 को पीड़िता ने अपने माता-पिता के साथ महिला पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ स्कूटी से पहाड़ी पर गई थी। वहां आरोपी लट्ठ और मोबाइल लेकर पहुंचा। उसने दोनों का वीडियो बनाया और पुलिस बुलाने तथा परिजनों को बताकर बदनाम करने की धमकी दी। मामले से बचने के लिए उसने 10 हजार रुपए मांगे। बॉयफ्रेंड को रुपए लाने भेजा, युवती को ले गया जंगल पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने दोनों के मोबाइल छीन लिए और उसके बॉयफ्रेंड के साथ मारपीट की। रुपए का इंतजाम करने के लिए आरोपी ने बॉयफ्रेंड को मोबाइल लौटा दिया। इसके बाद वह रुपए लेने स्कूटी से चला गया। बॉयफ्रेंड के जाने के बाद आरोपी ने पुलिस आने का डर दिखाया और पीड़िता को बाइक पर बैठाकर जंगल की ओर सुनसान रास्ते पर ले गया। वहां उसके साथ रेप किया और घटना के दौरान तस्वीरें भी खींचीं। कॉलेज के पास छोड़कर फरार हुआ आरोपी घटना के बाद आरोपी पीड़िता को कॉलेज के पास छोड़कर चला गया। पीड़िता ने एक दुकान से फोन लेकर अपनी बड़ी बहन को घटना की जानकारी दी। उसने अपने बॉयफ्रेंड को भी घटना के बारे में बताया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। 26 गवाहों और 88 दस्तावेजों से साबित किया पक्ष महिला पुलिस थाना झालावाड़ में धारा 366, 376, 384, 394 और 323 के तहत मामला दर्ज कर जांच की गई। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए कोर्ट में 26 गवाहों के बयान करवाए और 88 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को रेप का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।