झालावाड़ जिला कारागृह में बीआरआईसीएस सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के तहत पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सही इस्तेमाल को लेकर गतिविधियां हो रही हैं। बंदियों और जेल स्टाफ ने पानी, बिजली और भोजन की बर्बादी रोकने की शपथ ली। जेल अधीक्षक रोहित कौशिक ने कहा कि जल और ऊर्जा जैसे प्राकृतिक संसाधनों का सीमित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना हर व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करने और भोजन बर्बाद नहीं करने के लिए प्रेरित किया। बंदियों ने पानी और बिजली का गैरजरूरी इस्तेमाल नहीं करने और उपलब्ध संसाधनों को बचाने में सहयोग देने की शपथ ली। उन्होंने भोजन व्यर्थ नहीं करने की प्रतिबद्धता भी जताई। कारागृह प्रशासन बंदियों में सकारात्मक सोच और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए योग, ध्यान और मेडिटेशन जैसी गतिविधियां करा रहा है। स्वच्छता अभियान के जरिए साफ-सफाई का संदेश भी दिया जा रहा है। ऊर्जा बचाने के लिए बंदियों के सहयोग से गैरजरूरी लाइटें बंद रखकर ‘स्विच ऑफ आवर’ भी किया जा रहा है। 1 से 7 नवंबर तक चल रहे बीआरआईसीएस सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के तहत जेलों में बंदियों, प्रहरियों और प्रशासनिक स्टाफ को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका मकसद उनकी रोजमर्रा की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस दौरान एक दर्जन से अधिक छायादार और फलदार पौधे भी लगाए गए।