मध्यप्रदेश के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाला सीताफल इन दिनों राजस्थान के झालावाड़ जिले के बाजारों में बिक रहा है। इसकी कीमत 50 से 100 रुपए किलो है। अक्टूबर में सीताफल का उत्पादन बढ़ने के साथ मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों से महिला-पुरुष इसे तोड़कर बेचने झालावाड़ पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय के गढ़ परिसर में दर्जनों लोग दुकानें लगाकर सीताफल बेच रहे हैं। सीताफल बना ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का जरिया अकलेरा, मनोहरथाना और झालरापाटन के बाजारों में भी सीताफल की बिक्री हो रही है। जंगलों में बिना खास देखभाल के उगने वाला यह फल मध्यप्रदेश के ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का जरिया बना है। राजगढ़ क्षेत्र से लोग रोज सीताफल लेकर झालावाड़ जिले के अलग-अलग कस्बों में पहुंचते हैं। दिनभर बिक्री के बाद वे एक ही वाहन से अपने गांव लौट जाते हैं। जंगलों में बड़ी संख्या में है सीताफल के पेड़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की पिपलोदी पंचायत क्षेत्र के बांकियापुरा, नरसिंहगढ़, चिड़ीखोह सहित आसपास के जंगलों में बड़ी संख्या में सीताफल के पेड़ हैं। ग्रामीण इन पेड़ों से फल तोड़कर लाते हैं। कच्चे सीताफल को कपड़े के नीचे सुरक्षित रखकर गर्माहट के माध्यम से पकाया जाता है। इसके बाद इन्हें बिक्री के लिए झालावाड़ जिले में लाया जाता है। गढ़ परिसर में सीताफल बेच रही महिला संतोष बाई ने बताया कि दिनभर बैठकर फल बेचने से 300 से 400 रुपए तक की कमाई हो जाती है। वहीं अकलेरा में सीताफल बेचने आईं नवरंग बाई ने बताया कि ये फल मध्यप्रदेश के बांकियापुरा गांव के पास बालाजी महाराज रेंज के जंगलों से तोड़कर लाए जाते हैं। सभी लोग एक पिकअप वाहन में साथ आते हैं। वाहन का खर्च निकालने के बाद दिनभर की मजदूरी बच जाती है। झालावाड़ में सीताफल 50 से 100 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचा जा रहा है। कैंसर, हार्ट जैसी बीमारियों में करता है बचाव डॉक्टर उषा नागर ने बताया कि सीताफल में एंटी ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में है जो कैसंर से बचाव करता है। यह फल आपकी बॉडी की एनर्जी की रिक्वायरमेंट को पूरा करता है। इसमें विटामिन बी6 होता है जो कि ग्लूकोज को नियंत्रित करता है। ओमेगा 6 होता है जो कि हार्ट के एक्शन को नॉर्मलाइज करने के लिए अच्छा होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट बहुत प्रचुर मात्रा में होते हैं जो कोर्टिसोल लेवल और टेंशन को खत्म करते हैं। डाइजेशन में भी सीताफल बहुत फायदा करता है, क्योंकि इसमें फाइबर्स बहुत अच्छी क्वांटिटी में होते हैं और मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम वगैरह भी होते हैं तो कि जो कि डाइजेशन को इंप्रूव करते हैं। इसमें विटामिन सी होता है जो आंखों की बीमारियों जैसे ग्लूकोमा हो, उसको सही करता है।