झुंझुनूं के मंडावा में दो दिवसीय छठी राज्यस्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में उम्र की सीमाएं पीछे छूटती नजर आईं। यहां सीकर के 78 वर्षीय रामावतार सबसे उम्रदराज और पांच साल की शिवान्या सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। दोनों के बीच 73 साल का अंतर है, लेकिन शतरंज के प्रति जुनून उन्हें एक ही मंच पर ले आया। प्रतियोगिता में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से करीब 180 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें लगभग 50 महिला खिलाड़ी भी हैं। 5 साल की शिवान्या ने खेली चालें प्रतियोगिता में सीकर के रामावतार सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। 78 साल की उम्र में भी वे शतरंज के प्रति रुचि रखते हैं और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। वहीं, सीकर की ही पांच वर्षीय शिवान्या सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। जिस उम्र में बच्चे शुरुआती पढ़ाई और खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में शिवान्या राज्यस्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। दोनों के बीच उम्र का फासला 73 साल है। प्रतियोगिता में पांच साल के बच्चे से लेकर 78 साल के बुजुर्ग तक अपनी रणनीति के साथ मुकाबले में उतरे हैं। दिव्यांग खिलाड़ी राघव ने 6 में से 5 मुकाबले जीते प्रतियोगिता में पिलानी के 16 वर्षीय दिव्यांग खिलाड़ी राघव शर्मा ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई। सुनने में असमर्थ राघव ने छह मुकाबलों में पांच जीत दर्ज की और एक मुकाबला ड्रॉ खेला। वे सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं। उनकी मां डॉ. नीरजा शर्मा ने बताया कि पिछले साल भी वे राघव के साथ मंडावा आई थीं। इस बार भी राघव ने अपने खेल कौशल से प्रभावित किया। 180 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा, 50 महिला खिलाड़ी भी शामिल मंडावा चेस क्लब के तत्वावधान में नगर पालिका चौक स्थित महाजन पंचायत भवन परिसर में यह दो दिवसीय प्रतियोगिता हो रही है। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 180 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें लगभग 50 महिला खिलाड़ी भी शामिल हैं। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर सहित राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से खिलाड़ी अपनी बौद्धिक प्रतिभा दिखाने पहुंचे हैं। विजेताओं को मिलेंगे एक लाख रुपए के पुरस्कार मंडावा चेस क्लब की ओर से यह राज्यस्तरीय प्रतियोगिता छठी बार कराई जा रही है। इसमें विजेताओं के लिए कुल एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 11 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 7,100 रुपए और तृतीय पुरस्कार 5,100 रुपए रखा गया है।