झुंझुनूं जिले के एक गांव में 13 साल की नाबालिग बच्ची को 40 लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवरात के लालच में अधेड़ उम्र के व्यक्ति को बेचने और जबरन बाल विवाह कराने का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि मामले में एसपी कावेंद्र सागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जो दोषी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि पैसों के लालच में मां- बाप ने ही अपनी 13 साल की मासूम नाबालिग बेटी का सौदा किया था। शिकायत के अनुसार, बच्ची को एक दलाल के जरिए चूरू जिला निवासी एक अधेड़ को बेच दिया गया। इसके बाद 6 जुलाई 2026 को बड़ी उम्र के इस व्यक्ति के साथ मासूम का बाल विवाह करा दिया गया। ​​ग्रामीणों का आरोप है कि वे इस मामले में लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस का रवैया उदासीन है। उनका कहना है कि 6 जुलाई को ही मामले का खुलासा हो गया था, इसके बाद थाने में शिकायत दी गई। आरोप है कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपियों को समय मिल गया और उन्होंने बच्ची को डरा-धमकाकर अपने पक्ष में झूठा बयान दर्ज करवा लिया। हालांकि कलेक्ट्रेट परिसर पर प्रदर्शनकारियों ने इसे मानव तस्करी बताया और पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। ​एसपी को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विवाह का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की करतूत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस विवाह समारोह में शामिल हुए हलवाई, टेंट संचालक और ​विवाह कराने वाले पंडित सहित अन्य सभी बिचौलियों को सह-आरोपी बनाकर उनसे पूछताछ की जाए, जिससे मासूम बच्ची को न्याय मिल सके।