झुंझुनूं के छापोली गांव में सोमवार को सड़क बना रहे आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण में उदयपुरवाटी के पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी का दबाव था। वहीं भास्कर से बातचीत में पूर्व विधायक ने आरोप नकारे थे। अब एक वीडियो सामने आया है जिससे आशंका खड़ी हो गई है कि क्या वन विभाग की संरक्षित जमीन पर आचार संहिता के बीच नियम विरुद्ध बन रही ये सड़क उदयपुरवाटी के पूर्व बीजेपी विधायक शुभकरण चौधरी की शह पर बनवाई जा रही थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दैनिक भास्कर को एक वीडियो मिला है। वीडियो 1 नवंबर 2026 का उदयपुरवाटी के बागौरा गांव में चुनाव प्रचार का है। इस वीडियो में पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी कह रहे हैं– कल-परसों में छापौली गया था। ग्रामीण कदंब कुंड धाम जाने वाले जंगल के रास्ते पर सड़क बनवाना चाहते थे। मुझे बोला तो मैंने उन्हें कहा कुछ करो। पंचायत समिति सदस्य चुनाव में बीजेपी का टिकिट लेने को कोई तैयार नहीं था। उन्होंने हां की तो मैंने उनका काम करने की कोशिश की है। चाहे कितनी ही लड़ाइयां लड़नी पड़ी पर उनका काम किया। अब लोगों को 3 तारीख को और 5 तारीख को हमारा भी काम करना पड़ेगा। कहीं बाद में ये मत बोल देना कि हम तो वोट देकर आ गए और बाद में कांटा निकाल दो तो ये तो नहीं चलेगा। आशीर्वाद तो पूरा देना पडे़गा। इसके साथ ही उन्होंने इस भाषण में बागौरा की कचरा निस्तारण की समस्या पर भी कहा- चाहे कुछ भी करना पड़े वो करेंगे और समस्या को दूर करेंगे पर इसके लिए लोगों को भी चुनावों में अपने मत का आशीर्वाद देना पडे़गा। ग्रामीणों ने हामी भरी तो सड़क निर्माण शुरू कराया आरोप ये भी है कि पूर्व विधायक ने ग्रामीणों से पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में बीजेपी का टिकट लेने और पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्यों के चुनावों में बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की डिमांड भी रखी थी। ग्रामीणों ने इसके लिए पूर्व विधायक चौधरी को हामी भरी तो इसके बाद ही सड़क का निर्माण स्टार्ट करवाया गया था। इस सड़क का निर्माण स्थानीय ग्रामीण चंदा राशि जुटाकर करवा रहे थे। ग्रामीणों में इस बात का डर था कि अगर चुनाव में कुछ इधर-उधर हुआ तो पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की नाराजगी से इस सड़क का निर्माण फिर से रुक सकता था। यही वजह थी कि हादसे में मारे गए ठेकेदार पर इस सड़क को चुनाव से पहले-पहले पूरा करने का दबाव था। यही जल्दबाजी और डर सड़क निर्माण में लगे 8 मजदूरों की जिंदगियां लील गया। 14 दिन पहले पूर्व विधायक से की थी दोबारा निर्माण शुरू कराने की मांग इससे पहले भास्कर पड़ताल में सामने आया था कि करीब 14 दिन पहले गांव वालों ने शुभकरण चौधरी से मीटिंग में इस सड़क का निर्माण दाेबारा स्टार्ट कराने की मांग की थी। इसके बाद में ही यहां काम शुरू हुआ था। मृतक ठेकेदार विष्णु के भाई बीरबल सिंह ने बताया था कि राजनीति के चलते ही उन पर इस एक महीने में पूरे होने वाले काम को 3 नवंबर की वोटिंग से पहले पूरा करने का दबाव था। वहीं दूसरे मृतक सुरेंद्र के रिश्ते में चाचा लगने वाले सुभाष मेहता ने बताया था कि इस काम में पॉलिटिक्स इन्वॉल्व थी। पहले इस सड़क निर्माण को रुकवाया गया फिर स्टार्ट करवाया गया। पंचायत समिति सदस्य करवाने के लिए इस काम को दबाव में करवाया गया था। वहीं सुरेंद्र के दूसरे चाचा सुशील कुमार सैनी ने भी हमें बताया कि इस सड़क निर्माण कार्य को पहले भी पूर्व बीजेपी विधायक शुभकरण चौधरी ने ही रुकवाया था। बाद में उन्होंने गांव वालों से स्पष्ट कह दिया था कि अगर हमारी पंचायत समिति सदस्य की सीट यहां से जीत जाएगी तो ये सड़क बन जाएगी और नहीं तो नहीं बन पाएगी। एक दिन पहले पूर्व विधायक ने ये कहा था- इस पूरे मामले को लेकर भास्कर ने एक दिन पहले पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा था कि- उन्हें तो कोई जानकारी ही नहीं थी कि वहां कोई सड़क भी बन रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद भास्कर ने पूर्व विधायक से दाेबारा बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इस तरह करंट की चपेट में आए मजदूर सड़क निर्माण के दौरान अचानक मिक्श्चर मशीन ढलान से लुढ़कने लगी। उसे पकड़ने के लिए सभी मजदूर और ठेकेदार दौड़े। उन्हें पता ही नहीं चला कि मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज लाइन को टच हो गया और वो सभी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23), छापोली निवासी विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और उदयपुरवाटी निवासी नितेश सैनी (32) की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य मजदूर घायल हो गए, जिनका उदयपुरवाटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।