जोधपुर के बिलाड़ा तहसील के भावी में मतदान प्रक्रिया स्थगित करने और शनिवार रात को हुए विवाद के बाद पुलिस एक्शन मोड में है। पुलिस ने मामले में भीड़ का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता सुनील चौधरी सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में पुलिस मतदान केंद्र के फुटेज चेक कर रही है। वहीं मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया है। इसे लेकर ग्रामीण SP पंकज यादव ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। SP पंकज ने बताया- इस मामले में भीड़ का नेतृत्व कर रहे सुनील चौधरी और अन्य को डिटेन किया है। कई पुलिस अधिकारी और कॉन्स्टेबल को भी चोट लगी है, जिनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद में लोग दें पुलिस को जानकारी ग्रामीण SP पंकज यादव ने कहा- जिन लोगों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का ग्रामीण सहयोग करें और यदि किसी मतदाता के पास कोई भी जानकारी भावी गांव में हुई घटना के संबंध में है तो वह पुलिस को दे सकता है। वहीं 2 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर उन्होंने बताया- पुलिस ने STF, रिजर्व जाब्ता के अलावा पाली से भी टीमें बुलाई हैं। RAC भी तैनात की जाएगी। घटनाक्रम में पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है। फ्लैग मार्च भी निकाला जाएगा। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहेंगे। साथ ही कहा- मतदान प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बूथ से बाहर ले आए थे मतपत्र, एजेंट ने जताई थी आपत्ति ग्रामीण SP पंकज यादव ने बताया- भावी ग्राम पंचायत के चुनाव में एक बूथ पर मतदान के दौरान मतदान केंद्र से अनधिकृत रूप से मतपत्र बाहर ले जाए गए थे। इस पर एजेंटों के आपत्ति जताने पर मतपत्र वापस लाए गए। इसमें पाया गया कि एक प्रत्याशी के नाम से मोहर लगी हुई थी। इसके बाद वहां अन्य बूथ के ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए थे। मामले में रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू करवाई है। वहीं मामले की जांच के लिए डिप्टी SP मनीष देव के नेतृत्व में SIT का गठन भी किया गया है। इसमें साइबर एक्सपर्ट, स्पेशल टीम को भी लगाया गया है। आरोपी सुनील चौधरी ज्वलनशील पदार्थ खुद पर डाल थाने में घुसा था जांच में पाया गया कि कुछ लोग हो सकते हैं, जिनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के लिए भावी गांव में भी अपनी टीमें भेजी। इस पर सुनील चौधरी रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच 500-600 लोगों को लेकर बिलाड़ा थाने पहुंचा और थाने का घेराव कर दिया। इस पर पुलिस ने बातचीत करके समझाइश के प्रयास शुरू किए। रात 11:30 बजे सुनील ने उत्तेजित होकर एक बोतल निकाली, जिसमें संभवतः कोई ज्वलनशील पदार्थ था, जिसे अपने ऊपर छिड़का और थाने में भीड़ के साथ प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस से की धक्का-मुक्की, पत्थर फेंके एसपी ने बताया- आरोपियों ने पुलिस वालों के साथ धक्का-मुक्की की। इसमें पुलिस द्वारा न्यूनतम बलप्रयोग जो किया जा सकता था, वो किया गया। इन्हें थाने से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इसमें कई पुलिस अधिकारी और जवान चोटिल हो गए। हालात संभालने के लिए पुलिस ने गैस गन का प्रयोग किया। वहीं लाठीचार्ज भी किया गया। जो भीड़ थी, उसे तितर-बितर किया गया। इसके बाद ये लोग हाइवे पर बैठने का प्रयास भी करने लगे। जिन्हें वहां से भी हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर शांति स्थापित की। मामले में पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व कर रहे सुनील चौधरी और अन्य दो लोगों को डिटेन किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पथराव करने वालों, बूथ के बाहर मतदान पेपर ले जाने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी।