जोधपुर के एक व्यापारी के साथ शराब के ठेके में मोटा मुनाफा दिलाने और साझेदारी का झांसा देकर रिश्तेदारों ने 23 लाख 32 हजार 100 रुपए की धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में कोर्ट के जरिए रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले बीकानेर निवासी पीड़ित देवेंद्र सिंह भाटी ने पुलिस को बताया कि आरोपी बृजेन्द्र सिंह शेखावत, धर्मराज सिंह शेखावत उर्फ पिंटू निवासी रूपनगढ़ (अजमेर), दिलीप सिंह राठौड़ और शक्तिसिंह राठौड़ निवासी तिल्यारी (तहसील किशनगढ़) रिश्तेदारी का फायदा उठाकर जोधपुर आए थे। आरोपी बृजेन्द्र सिंह शेखावत पीड़ित की पत्नी का सगा फुफाजी है। धर्मराज सिंह शेखावत पीड़ित की पत्नी के फुफा का बेटा है। दिलीप सिंह राठौड़ बृजेन्द्र सिंह का जंवाई है। शक्तिसिंह राठौड़ उसका बड़ा भाई है। परिवादी ने आरोप लगाया कि साल 2020 में आरोपी बृजेन्द्र सिंह और धर्मराज सिंह जोधपुर आए थे। पीड़ित से बातचीत करते हुए कहा कि वो शराब के ठेके लेते हैं। इसमें अच्छा मुनाफा है। उन्होंने कहा- एक शराब का ठेका पहले से चल रहा है। वे एक और ठेका चलाना चाहते हैं। मैंने कहा कि इसमें टेंडर होते हैं। उन्होंने कहा कि बांदरसींदरी में किसी के नाम शराब का ठेका खुला था। उसने पैसे जमा नहीं करवाया, इसलिए शराब का ठेका हमको मिल जाएगा। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे पूरा ठेका संभालेंगे और निवेश की गई राशि पर ब्याज सहित पैसे वापस देंगे। 18% ब्याज और मुनाफे का लालच आरोपियों ने यह भी झांसा दिया कि बांदरसींदरी में शराब का एक ठेका छूटा हुआ है। शक्तिसिंह राठौड़ की विभाग में जान-पहचान के जरिए लाइसेंस आसानी से मिल जाएगा। आरोपी शक्तिसिंह और दिलीपसिंह ने कहा कि वे ठेका अपने नाम से लेंगे। सालभर बाद 18 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसे लौटा देंगे। रिश्तेदारी के नाते परिवादी उनकी बातों में आ गया। परिवादी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 18,32,100 रुपए के चेक दिए, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, जेएनवी कॉलोनी शाखा से आबकारी अधिकारी अजमेर के खाते में जमा हुए। इसके अलावा आरोपियों ने गोदाम से शराब उठाने के नाम पर पैनल्टी से बचने का डर दिखाकर 5 लाख रुपए नकद भी जोधपुर में ले लिए। इस प्रकार कुल 23 लाख 32 हजार 101 रुपए हड़प लिए। रुपए देने के बाद परिवादी ने हिसाब और वाउचर मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। अंत में फोन उठाना भी बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कोर्ट के जरिए चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले की जांच ASi राणा राम कर रहे हैं।