जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के स्टूडेंट्स के साथ सीनियर द्वारा रैगिंग करने का मामला सामने आया है। कॉलेज ने एंटी-रैगिंग समिति की अनुशंसा पर 19 सीनियर स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया है। इनमें 14 स्टूडेंट्स को एक महीने और 5 स्टूडेंट्स को तीन माह के लिए सस्पेंड किया गया है। एमबीबीएस-2026 बैच के जूनियर स्टूडेंट्स ने शुक्रवार को नेशनल मेडिकल कांउसिल(एनएमसी) को मेल किया था। मेल में 4 से 5 सीनियर स्टूडेंट्स के नाम थे। मेल में लिखी शिकायत के अनुसार- सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर बैच के स्टूडेंट्स पर उन्हें बॉस कहने का दबाव बनाया। अभद्र भाषा बोलने का भी आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद इसे एंटी रैगिंग कमेटी को भेज दिया गया था। NMC ने कॉलेज मैनेजमेंट को जानकारी दी थी एनएमसी ने शुक्रवार शाम डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मैनेजमेंट को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद कॉलेज में शनिवार को एंटी रै​गिंग कमेटी की बैठक हुई थी। मेल में जिन सीनियर स्टूडेंट के नाम थे, उन्हें भी बैठक में बुलाया गया। उनका पक्ष जाना गया और मोबाइल भी चेक किए गए। इंट्रोडक्शन के बहाने रैगिंग की शिकायत मे​डिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा के अनुसार- मेल में शिकायत की गई है कि सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर बैच के स्टूडेंट के साथ इंट्रोडक्शन के बहाने रैगिंग की। अभद्र भाषा से अपमानित किया गया। इसके साथ ही सीनियर को बॉस कहने की भी शिकायत की गई थी। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि इन सीनियर स्टूडेंट्स को जूनियर विद्यार्थियों के साथ गंभीर अनुशासनहीनता एवं अनुचित व्यवहार की एक्टिविटी में लिप्त पाया गया है। इनमें 14 स्टूडेंट्स को तत्काल प्रभाव से अगले एक महीने तक क्लिनिकल पोस्टिंग, एकेडमिक, टीचिंग प्रोग्राम में शामिल होने और छात्रावास, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम की सुविधाओं का उपयोग करने से सस्पेंड किया जाता है। वहीं, पांच स्टूडेंट्स तीन माह के लिए सस्पेंड किया गया है।