जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर जूनियर से रै​​​गिंग का मामला सामने आया है। जूनियर बैच-2026 के स्टूडेंट ने एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) को मेल कर रैगिंग की शिकायत की है। मेल में लिखी शिकायत के अनुसार- सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर बैच के स्टूडेंट्स पर उन्हें बॉस कहने का दबाव बनाया। अभद्र भाषा बोलने का भी आरोप लगाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने बताया कि मामला एंटी रैगिंग कमेटी को भेज दिया है। मेल में 4 से 5 सीनियर स्टूडेंट के नाम मामले को लेकर शनिवार को एंटी रै​गिंग कमेटी की बैठक हुई। मेल में 4 से 5 सीनियर स्टूडेंट के नाम थे, जिन्हें भी बैठक में बुलाया गया। उनका पक्ष जाना गया और मोबाइल भी चेक किए गए। मेडिकल कॉलेज मैनेजमेंट के पास आई शिकायत जानकारी अनुसार- स्टूडेंट्स ने जूनियर बैच के नाम से एक कॉमन ​मेल किया था। एनएमसी ने शुक्रवार शाम डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मैनेजमेंट को इसकी जानकारी दी थी। मामले को शनिवार को एंटी रैगिंग कमेटी में भेजा गया। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एसएन जोधा ने बताया कि मेल में जिन सीनियर स्टूडेंट पर आरोप लगाया गया,दो दिन में इन सभी से जानकारी ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन सभी को सोमवार को कमेटी ने बुलाया है। इंट्रोडक्शन के बहाने रैगिंग की शिकायत मे​डिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा के अनुसार- मेल में शिकायत की गई है कि सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर बैच के स्टूडेंट के साथ इंट्रोडक्शन के बहाने रैगिंग की। अभद्र भाषा से अपमानित किया गया। इसके साथ ही सीनियर को बॉस कहने की भी शिकायत की है। 23 दिन पहले भी आया था ऐसा मामला, गुमनाम मेल से की थी शिकायत ये पिछले 23 दिनों में दूसरा मामला है, जब मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को लेकर शिकायत हुई है। ये शिकायत यूजीसी यानी यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन पोर्टल की एंटी रैगिंग टीम को की गई थी। कॉलेज प्रशासन को भेजे गए मेल में करीब 90 स्टूडेंट्स के नंबर दिए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया था कि छात्रों पर सीनियर्स को ‘बॉस’ कहकर बुलाने का दबाव बनाया गया। हालांकि इस मामले को लेकर जब जांच की तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना था कि इस मामले को लेकर हुई बातचीत में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। --- ये खबर भी पढ़िए- जोधपुर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत:प्रिंसिपल बोले- स्टूडेंट ने कुछ नहीं बताया, इंटरनेट पर सभी के नंबर, मिसयूज की संभावना