खैरथल-तिजारा जिले में त्योहारों के सीजन में मिलावट और दूषित खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को कोटकासिम क्षेत्र के बूढ़ी बावल गांव में बड़ी कार्रवाई की हैं। यहां एक गोदाम में तैयार किए जा रहे कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद मिलने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आई। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए 425 किलो दूषित कलाकंद सहित कुल 625 किलो खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। इसमें 150 किलो मिश्रित दूध और करीब 50 किलो फफूंद लगी क्रीम भी शामिल है। 150 किलो मिश्रित दूध खट्टा और दूषित मिला खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बूढ़ी बावल मुख्य बाजार स्थित मैसर्स लीलाराम एवं विकास के गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम में साफ-सफाई की भारी कमी मिली। यहां तैयार किए जा रहे कलाकंद में मरी हुई मक्खियां और फफूंद पाई गई। वहीं, करीब 50 किलो क्रीम पर भी फफूंद लगी हुई थी। इसके अलावा लगभग 150 किलो मिश्रित दूध खट्टा और दूषित अवस्था में मिला। मौके पर ही नष्ट करवाई खाद्य सामग्री खाद्य पदार्थों की स्थिति को देखते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्ध खाद्य सामग्री के विधिक नमूने लिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाए। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 425 किलो कलाकंद, 150 किलो मिश्रित दूध और 50 किलो क्रीम को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग के नोडल अधिकारी हेमंत यादव ने बताया कि प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी बबीता, मनीष शर्मा एवं सुरेंद्र यादव मौजूद रहे।