खैरथल-तिजारा जिले में मेडिकल स्टोरों पर औषधियों की बिक्री और रिकॉर्ड मेंटेन करने में लापरवाही सामने आने पर औषधि नियंत्रण विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर किशनगढ़बास क्षेत्र के तीन मेडिकल स्टोर के औषधि लाइसेंस 6 से 9 दिनों तक निलंबित कर दिए हैं। सहायक औषधि नियंत्रक एवं अनुज्ञापन प्राधिकारी नरोत्तम देव बारोठिया ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत निलंबन के आदेश जारी किए हैं। अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई विभागीय कार्रवाई की जद में इस्माईलपुर स्थित नावेद मेडिकल स्टोर, बासड़ा रोड स्थित न्यू किशनगढ़ मेडिकल और जाट चौक, कोटकासिम रोड स्थित पटेल मेडिकल आए हैं। जांच में इन मेडिकल स्टोरों पर लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करने, जरूरी रजिस्टर और बिक्री अभिलेख उपलब्ध नहीं करवाने तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री जैसी अनियमितताएं सामने आईं। कहीं बिल नहीं तो कहीं रिकॉर्ड गायब इस्माईलपुर के नावेद मेडिकल स्टोर के निरीक्षण में लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं मिला। निरीक्षण पुस्तिका, बिक्री बिल बुक और शेड्यूल एच-1 रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किए गए। वहीं कुछ निर्धारित इंजेक्शनों का क्रय-विक्रय विवरण भी उपलब्ध नहीं करवाया गया। इस पर विभाग ने 23 से 28 नवंबर तक छह दिन के लिए लाइसेंस निलंबित किया है। बासड़ा रोड स्थित न्यू किशनगढ़ मेडिकल में पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में प्रोपराइटर द्वारा शेड्यूल एच-1 सहित औषधियों की बिक्री बिना बिल जारी किए करना पाया गया। निरीक्षण पुस्तिका और शेड्यूल एच-1 रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं मिले। क्रय बिलों का क्रमवार संधारण नहीं होने पर विभाग ने 23 से 29 नवंबर तक सात दिन के लिए लाइसेंस निलंबित किया है। इसी तरह जाट चौक स्थित पटेल मेडिकल में भी पंजीकृत फार्मासिस्ट की गैरमौजूदगी में सेल्समैन द्वारा बिना बिल दवाइयां बेचने का मामला सामने आया। निरीक्षण पुस्तिका, कैश मेमो बुक और शेड्यूल एच-1 रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए गए। कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के निर्धारित बैचों का पूरा क्रय-विक्रय और शेष स्टॉक का रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इस पर 23 नवंबर से 1 दिसंबर तक नौ दिन के लिए लाइसेंस निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में नहीं कर सकेंगे कारोबार सहायक औषधि नियंत्रक नरोत्तम देव बारोठिया ने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान तीनों मेडिकल स्टोर पर औषधि व्यवसाय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मेडिकल स्टोर संचालकों को सभी बिक्री एवं खरीद अभिलेख नियमानुसार रखने, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्रत्येक बिक्री पर वैध बिल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।