देश की कोचिंग कैपिटल कोटा अपने कड़े मुकाबले और पढ़ाई के माहौल के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार दिवाली पर यहां एक बिल्कुल अलग और अनोखा आंदोलन देखने को मिला। कोचिंग संस्थानों की ओर से दिवाली पर पारंपरिक मिठाई लड्डू न मिलने से खफा छात्रों ने सीधा मोर्चा खोल दिया। बात सिर्फ हॉस्टल के कमरों तक सीमित नहीं रही बल्कि छात्रों ने सड़कों पर नारेबाजी से लेकर सोशल मीडिया तक पर लड्डू संग्राम छेड़ दिया। मिठाई न मिलने से नाराज छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते डिजिटल आंदोलन में बदल गया। छात्रों ने सोशल मीडिया पर बाकायदा लड्डू जनता पार्टी नाम से एक पेज बना डाला और मीम्स व पोस्ट्स की झड़ी लगा दी। पिछले दो-तीन दिनों से छात्र लड्डू की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन, नारेबाजी और ऑनलाइन कैंपेन चला रहे है। हलवाइयों की किल्लत बनी देरी की वजह दरअसल, कोचिंग संस्थानों में दीवाली की छुटटियों के साथ ही स्टूडेंटस को मिठाई भी दी जाती है। इसमें लडडू भी शामिल रहते है। इस बार लडडू मिलने में देरी हुई तो कोरल पार्क एरिया के स्टूडेंटस ने सोशल मीडिया पर ट्रेंड चला दिया और दीवाली के लडडू की मांग करने लगे। इस बार दिवाली के मौके पर काम का भारी दबाव होने के कारण समय पर हलवाई उपलब्ध नहीं हो सके, ऐसे में समय पर लड्डुओं की व्यवस्था और पैकिंग नहीं हो पाई और स्टूडेंटस तक नहीं पहुंचे। बस इसके बाद स्टूडेंटस लडडू के रूप में अपना हक मांगने लगे। कोचिंग संस्थान ने तलाशे हलवाई और दिए ऑर्डर हालांकि कोरल पार्क एरिया में स्टूडेंटस के ग्रुप ये ट्रेंड चला रहे हैं लेकिन कोचिंग संस्थान ने भी इसे हल्के में नहीं लिया। जैसे ही जानकारी कोचिंग संचालकों तक पहुंची, उन्होंने हलवाई तलाशने शुरू किए जो बडी मात्रा में दो तीन दिन में सप्लाई दे सके। इसके लिए इंदौर, भीलवाड़ा, जयपुर तक जानकारी जुटाई गई लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। बाद में कोटा के ही दो हलवाईयों को तैयार किया गया और फैक्ट्री में लडडू बनवाना शुरू किया गया। बुधवार से छात्रों के बीच लड्डुओं का वितरण शुरू कर दिया गया है।