कोटा शहर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए डीसीएम रोड स्थित बॉम्बे योजना के पीछे से कैथून के पास बालापुरा इंटरचेंज तक 23 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाईवे बनाया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने प्रस्तावित हाईवे के अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले साल निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1600 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हाईवे बनने के बाद शहर से एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने में लगने वाला समय 45 मिनट से घटकर 15 से 20 मिनट रह जाएगा। डीसीएम से शुरू होकर इन इलाकों से गुजरेगा हाईवे प्रस्तावित फोरलेन हाईवे डीसीएम रोड पर बॉम्बे योजना के पीछे से शुरू होगा। यहां से दायीं मुख्य नहर के किनारे होते हुए श्रीराम नगर क्षेत्र को पार करेगा। इसके बाद नहर को पार कर वन भूमि से गुजरते हुए एनएच-27 (कोटा बायपास) के पास केडीए की फार्म हाउस योजना के नजदीक इंटरचेंज बनाया जाएगा। आगे डाढ़ देवी रोड को चरण चौकी रोड के पास क्रॉस करते हुए हाईवे मोतीपुरा, प्रहलादपुरा, रामनगर, अभयपुरा, रानीपुरा, गांदीफली और भगवानपुरा की कृषि भूमि से होकर बालापुरा इंटरचेंज पहुंचेगा। यहां से यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। आबादी क्षेत्र के कारण हाईवे के कुछ हिस्से को एलिवेटेड बनाया जाएगा। भामाशाह मंडी के ट्रकों को भी मिलेगा सीधा रास्ता नया हाईवे बनने से कोटा के व्यापारियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए करीब 40 किलोमीटर दूर कराड़िया और गोपालपुरा इंटरचेंज तक जाना पड़ता है। नई कनेक्टिविटी मिलने से यह दूरी और समय दोनों कम होंगे। भामाशाह मंडी के विस्तार के बाद प्रस्तावित हाईवे मंडी से महज 1.5 किलोमीटर दूर रहेगा। ऐसे में मंडी से निकलने वाले मालवाहक ट्रक सीधे हाईवे के जरिए एक्सप्रेस-वे पर पहुंच सकेंगे। इसके अलावा शंभूपुरा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए भी बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। अगले साल शुरू हो सकता है निर्माण एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल के अनुसार, कोटा से एक्सप्रेस-वे तक प्रस्तावित नए फोरलेन हाईवे के अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। अब आगे की प्रक्रिया पूरी कर टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके बाद अगले साल निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।