कोटा में कोचिंग में पढ़ने वाले स्टूडेंट को परोसे जा रहे खाने में टेबल बटर की जगह तेल लगाया जा रहा है। सोयाबीन से बना पनीर बच्चों को खिलाया जा रहा है। गोलगप्पों के साथ काले नमक और काली मिर्च में भी रंग मिलाए जाने की बात सामने आई है। खाद्य पदार्थों में इस तरह की मिलावट बच्चों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। असल में यह साधारण नमक है। दही में फैट की भारी कमी है। काली मिर्च की चमक भी महज छलावा है। पनीर सिर्फ कहने को पनीर है, वह दूध नहीं, सोयाबीन का बना हुआ है। दरअसल, कोटा में पिछले माह खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग हॉस्टल और मैस से लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच में यह डरावना सच सामने आया है। विभाग की ओर से करवाई गई जांच में 15 सैंपल फेल मिले हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें अक्टूबर तक कोटा में 601 सैंपल ले चुकी हैं। इनमें से 523 सैंपल की रिपोर्ट मिल चुकी है। इनमें से 148 सैंपल फेल हुए हैं, यानी 28.30% सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। 148 में से 37 सैंपल अनसेफ (स्वास्थ्य के लिए खतरनाक) और बाकी सब स्टैंडॅर्ड (दावे के अनुसार क्वालिटी नहीं) श्रेणी के पाए गए हैं। अब इन मामलों में सक्षम कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी है। हॉस्टल और मैस संचालक बच्चों से रहने और खाने का पैसा पूरा ले रहे हैं, लेकिन सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। किस हॉस्टल और मैस में क्या खाद्य सामग्री-मसाले मिलावटी मिले वसंती रेजीडेंसी, रोड नंबर-1 इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में टेबल बटर और पनीर सैंपल अनसेफ मिला है। बीएल रेजीडेंसी राजीव गांधी नगर में दही के दो सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए गए हैं, इनमें दावे के मुताबिक कंटेंट नहीं था। नवदुर्गा रेजीडेंसी लैंडमार्क सिटी कुन्हाड़ी में टेबल बटर अनसेफ और पनीर सब स्टैंडर्ड मिला। द ओलिव (एसआर रॉयल होम) लैंडमार्क सिटी में दही का सैंपल सब स्टैंडर्ड मिला सिग्नेचर टावर प्रीमियम बॉयज हॉस्टल, इंद्र विहार में दही का सैंपल सब स्टैंडर्ड और काला नमक (श्री श्याम गोल्ड 1 किलो पैक) अनसेफ है। दयानिधि रेजीडेंसी, राजीव गांधी नगर स्पेशल में टेबल बटर का सैंपल अनसेफ और पनीर का सब स्टैंडर्ड मिला। पंजाबी फूड विज्ञान नगर में टेबल बटर और काली मिर्च के सैंपल अनसेफ मिले। 148 सैंपल फेल, दूध, सोफ्ट ड्रिंक, सब मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स में पनीर, बटर, देसी घी, दूध दही, मावा व मलाई बर्फी, पनीर जलेबी, मिल्क केक, गुलाब जामुन, बेसन-चूरमा लड्डू, गुझिया और बर्फी मिलावटी है। तेल में यूज्ड कुकिंग ऑयल, सरसों, मूंगफली व अलसी का तेल, वनस्पति घी, मसाले व किराना में काली मिर्च व धनिया, काला व सेंधा नमक, लाल मिर्च, भोजन, ग्रेवी और फास्ट फूड में बटर पनीर मसाला ग्रेवी, बटर दाल तड़का, पताशी/गोलगप्पे का पानी, पैकेज्ड वॉटर तथा रॉयल लेमन/कोला सॉफ्ट ड्रिंक्स, नमकीन मटर, चिप्स/पास्ता व कड़के नमकीन, पान मसाला आदि सबस्टैर्ड मिले है। इस तरह करते हैं मिलावट खाद्य तेल और वनस्पति घी में सस्ते पाम तेल की मिलावट होती है। नमकीन और स्नैक्स को बार-बार इस्तेमाल हुए हानिकारक यूज्ड कुकिंग ऑयल में तलकर जहरीला बनाया जाता है। काली मिर्च को चमकाने के लिए खास ऑयल या रंग लगाए जाते हैं। नमक में भी अखाद्य रंग मिलाते हैं। गोलगप्पे के पानी में हानिकारक सिंथेटिक रंग और टार्टरिक एसिड मिलाया जाता है। पैकेज्ड ड्रिंक्स में अमान्य स्वीटनर्स और साधारण पानी भरकर उपभोक्ताओं की सेहत से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है।