कोटा ग्रामीण के सुल्तानपुर कस्बे के मेन मार्केट में ज्वेलर की दुकान का शटर और ताला तोड़कर करीब 60 से 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और 3 से 4 लाख रुपए की नकदी चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात 17 और 18 अक्टूबर की रात हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर दिल्ली तक आरोपियों का पीछा किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदिल (24) और आफताब उर्फ बग्गू (19) के रूप में हुई है। वारदात में शामिल सलीम और इमरान अभी फरार हैं। शटर तोड़कर अलमारी सहित जेवर ले गए थे बदमाश पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर निवासी परमानंद गुर्जर की भौंरा चौराहे के पास श्रीदेव ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। 17 अक्टूबर की रात वे दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 5 बजे उन्हें पता चला कि दुकान का शटर और ताला टूटा हुआ है। बदमाश दुकान में रखी अलमारी सहित सोने-चांदी के जेवर और तिजोरी में रखी नकदी चोरी कर ले गए थे। पीड़ित की रिपोर्ट पर सुल्तानपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। निशान सनी कार से मिला सुराग, फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को दिया चकमा वारदात के खुलासे के लिए एएसपी रामकल्याण मीणा और इटावा डीएसपी ओमप्रकाश के सुपरविजन में सुल्तानपुर थाना पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें निशान कंपनी की सनी कार संदिग्ध नजर आई। कार में सवार लोगों की गतिविधियां भी संदिग्ध मिलीं। पुलिस ने कार की लोकेशन और मूवमेंट का पीछा किया तो उसके जालिमपुरा 8 लेन टोल से मुंबई की तरफ जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने गोपालपुरा, चेचट, गरोठ, रतलाम, थांदला और गुजरात की तरफ टीमें भेजीं, लेकिन संदिग्ध नंबर की कार किसी टोल से गुजरती नहीं मिली। 30 घंटे तक खंगाले टोल के CCTV फुटेज कार के नंबर को लेकर संदेह होने पर पुलिस ने दोबारा पूरे रूट का विश्लेषण किया। दिल्ली और मुंबई की तरफ से आने-जाने वाले वाहनों की सूची लेकर करीब 28 से 30 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज देखे गए। जांच में सामने आया कि बदमाश DL01CP2112 नंबर की कार से दिल्ली की तरफ से आए थे। कार पर महाराष्ट्र की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। आरोपी मुंबई लेन से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे और यू-टर्न लेकर दिल्ली की तरफ वापस चले गए। इसके बाद दिल्ली के हिलालपुर टोल से बाहर निकले। वाहन की जांच में कार सलीम निवासी घोंडा, दिल्ली के नाम रजिस्टर्ड मिली। टोल पर ऑनलाइन भुगतान की जांच में इमरान की भूमिका भी सामने आई। दिल्ली की झुग्गियों में दबिश देकर दो आरोपी पकड़े पुलिस की विशेष टीमें दिल्ली रवाना हुईं। वहां पुरानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आरोपियों के अस्थाई ठिकानों पर दबिश दी गई। आखिरकार 30 अक्टूबर को आदिल और आफताब उर्फ बग्गू को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने सलीम और इमरान के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार, सलीम और इमरान के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, डकैती, नकबजनी और चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस को देखकर दोनों फरार हो गए थे। उनकी तलाश में टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर चोरी किए गए जेवर और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है।