कोटा में विकास कार्यों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की ओर से ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। नीलामी में महज दो बड़े कॉमर्शियल प्लॉट्स की बिक्री से ही 35 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिला है। केडीए सचिव मुकेश कुमार ने बताया- केडीए लगातार कई योजनाओं के तहत छोटे और बड़े भूखंडों के ग्रुप बनाकर ई-नीलामी कर रहा है। उन्होंने बताया- आमतौर पर प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती माने जाने वाले श्राद्ध पक्ष के दौरान भी केडीए के 14 से 15 प्लॉट्स नीलाम हुए। इसके बाद नवरात्री में 100 भूखंडों को नीलामी में शामिल किया गया, जिनमें बोलीदाताओं की सहूलियत के लिए लास्ट डेट भी बढ़ाई गई। दो बड़े प्लॉट्स ने दिलाई 35 करोड़ की बड़ी रकम मुकेश कुमार ने बताया कि हालिया नीलामी में दो बड़े प्राइम प्लॉट्स की बिक्री से प्राधिकरण को बंपर राजस्व प्राप्त हुआ। बीपीसीएल ने एक प्रमुख पेट्रोल पंप साइट के लिए सबसे ऊंची बोली लगाते हुए लगभग 14 करोड़ रुपए में इसे अपने नाम किया। मदनमोहन मालवीय क्षेत्र स्थित एक अन्य कॉमर्शियल भूखंड की नीलामी से केडीए को 20 से 21 करोड़ रुपए का राजस्व मिला। एयरपोर्ट के पास नए पेट्रोल पंप की नीलामी की तैयारी केडीए सचिव ने बताया- प्राधिकरण अब अन्य बड़े भूखंडों को भी नीलाम करने के लिए चिन्हित कर रहा है। शंभूपुरा में प्रस्तावित नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पास केडीए की एक प्राइम पेट्रोल पंप साइट मौजूद है, जिसे जल्द ही ई-नीलामी के लिए रखा जाएगा। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के कारण इस साइट से भी भारी राजस्व मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार- ई-नीलामी और लीज मनी (पट्टा शुल्क) से मिलने वाले राजस्व का लाभ शहर के लोगों को मिलेगा। इस राशि का उपयोग कोटा विकास प्राधिकरण क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत व निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने में किया जाएगा।