चेन्नई में आयोजित 25वीं जूनियर राष्ट्रीय वूशु प्रतियोगिता में कोटा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में कोटा महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी के धर्मेश फौजदार ने करियर की पहली ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर खास उपलब्धि हासिल की। धर्मेश ने 85 किलोग्राम भारवर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं प्रियांशी गौतम ने 60 किलोग्राम में रजत और प्रिंस शर्मा ने 80 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता। प्रतियोगिता 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चेन्नई (तमिलनाडु) में आयोजित हुई। तीनों खिलाड़ियों ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। राजस्थान की टीम बालक वर्ग में दूसरे और बालिका वर्ग में तीसरे स्थान पर रही। धर्मेश की इस सफलता के पीछे खेल की विरासत भी जुड़ी है। उनके पिता लोकेश चौधरी कोटा में राजस्थान पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। धर्मेश का परिवार भरतपुर की पारंपरिक कुश्ती से भी जुड़ा रहा है। उनके पूर्वजों में हिंद केसरी पहलवान का नाम बताया जाता है, जिन्होंने भरतपुर में कुश्ती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी। धर्मेश के पिता लोकेश चौधरी कोटा पुलिस में एएसआई हैं। धर्मेश के परिवार का संबंध भरतपुर के प्रसिद्ध पहलवान कारे सिंह से बताया जाता है। कारे सिंह को हिंद केसरी के रूप में पहचान मिली थी। उन्होंने देशभर के दंगलों में अपनी पहलवानी का दम दिखाया और भरतपुर में कुश्ती की परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कोटा वूशु एसोसिएशन के महासचिव अशोक गौतम ने बताया- खिलाड़ियों की उपलब्धि पर अध्यक्ष शिवभगवान गोदारा, कोच सूरज गौतम, देवेंद्र मालव, शेखर भाटिया और वीरेंद्र जैन ने बधाई दी।