कोटा के शिक्षा विभाग में कार्यरत शारीरिक टीचर (पीटीआई) मंदोदरी चौधरी का नाम अब रुद्र जाट होगा। राज्य सरकार ने उन्हें जेंडर और नाम बदलने की अनुमति दे दी है। इसके बाद सरकारी सेवा रिकॉर्ड में भी उनका नाम और लिंग बदला जाएगा। मंदोदरी चौधरी (29) बूंदी से हैं। फिलहाल राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल, नांता महल में पीटीआई टीचर के पद पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार से मांगी थी परमिशन मंदोदरी ने राजस्थान सेवा नियम 1991 के नियम 8ए के तहत महिला से पुरुष लिंग परिवर्तन और अपना नाम रुद्र जाट रखने की अनुमति मांगी थी। इस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार ने 28 अक्टूबर को सरकारी अनुमति जारी की है। डीईओ कोटा रामचरण मीणा ने बताया कि- भविष्य में अगर प्रमोशन होता है तो काउंसलिंग वरीयता में थोड़ा अंतर आता है। कोटा शिक्षा विभाग की सीबीईओ महिला अधिकारी नवीन अरोड़ा ने बताया- कोटा में शिक्षा विभाग में यह पहला मामला आया है। 35 सालों से मैं यहां हूं अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। और अब इसमें क्या-क्या बदलाव हो सकते हैं वह एक बार विधि कानूनी विशेषज्ञ से बात करने के बाद ही बता पाएंगे। शिक्षा विभाग ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम 2019 और 2020 के प्रावधानों के अनुसार लिंग परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की शर्त पर सेवा अभिलेखों में बदलाव की मंजूरी दी है। अब संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में रुद्र जाट के नाम से दर्ज किया जाएगा। हार्मोन और सर्जरी से संभव है महिला से पुरुष में शारीरिक परिवर्तन कोटा मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के HOD डॉ. नितेश कुमार बौद्ध ने बताया कि टेस्टोस्टेरोन के प्रभाव से आवाज भारी होना, दाढ़ी-मूंछ आना, मांसपेशियों का विकास, शरीर की चर्बी के वितरण में बदलाव और मासिक धर्म बंद होने जैसे परिवर्तन होते हैं। ये बदलाव कुछ महीनों में शुरू होकर कई वर्षों तक विकसित हो सकते हैं। हालांकि, हार्मोन थेरेपी से जन्मजात क्रोमोसोम नहीं बदलते। ऐसे व्यक्तियों में हार्मोन के स्तर, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, हृदय संबंधी जोखिम और हड्डियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी आवश्यक होती है।