कोटपूतली में कुंभकार और कुम्हार समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर मिट्टी के बर्तन और अन्य उत्पाद बेचने वाले पारंपरिक कारीगरों से कर वसूली रोकने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुंभकार मिट्टी के दीपक, मटके, सुराही, कलश, खिलौने और सजावटी सामान बनाकर बेचते हैं। दीपावली सहित अन्य त्योहारों पर बाजार में उन्हें उचित जगह नहीं मिलती। इससे उनकी बिक्री और आय प्रभावित होती है। अस्थायी जगह देने की मांग प्रतिनिधिमंडल ने फुटपाथ पर मिट्टी के उत्पाद बेचने वाले कुंभकारों को अस्थायी जगह उपलब्ध कराने और उनसे किसी तरह की वसूली नहीं करने की मांग की। उनका आरोप है कि नगर निकाय रसीद काटकर पैसे वसूल रहे हैं और पारंपरिक कारीगरों को परेशान कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री प्रहलाद राय टाक के आदेश के बावजूद वसूली जारी है। उन्होंने मिट्टी के उत्पादों को बढ़ावा देने और कारीगरों को त्योहारों पर बिक्री के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। समाज के कई लोग रहे मौजूद इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता राजेश प्रजापति पूतली, प्रजापति समाज पावटा के पूर्व अध्यक्ष टिंकू प्रजापति, वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मपाल प्रजापत, समाजसेवी डॉ. रोहिताश मोरोड़ी सहित कुंभकार समाज के लोग मौजूद रहे।