कूनो अभयारण्य से निकलकर एक चीता तीसरी बार करौली जिले के मंडरायल क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। बीती रात चंदेलीपुरा के जंगलों में उसकी मौजूदगी सामने आई। वनकर्मियों ने झाड़ियों में छिपे चीते का वीडियो भी बनाया है। सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश और करौली वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। फिलहाल चीते की गतिविधि सरमथुरा के झिरी इलाके में बताई जा रही है। झाड़ियों में छिपे चीते का बनाया वीडियो बीती रात चंदेलीपुरा के जंगलों में वनकर्मियों को चीता दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने झाड़ियों में छिपे चीते का वीडियो बनाया। सूचना मिलने पर मंडरायल थानाधिकारी जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों ने चीते की मौजूदगी की जानकारी कूनो अभयारण्य के अधिकारियों को दी। दोनों राज्यों की टीमें कर रहीं निगरानी करौली डीएफओ संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि चीते की मौजूदगी की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश और करौली वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दोनों राज्यों की टीमें चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि उसकी लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। अनुकूल वातावरण के कारण बार-बार आ रहा मंडरायल डीएफओ शर्मा ने बताया कि मंडरायल का वातावरण और भौगोलिक परिस्थितियां चीते के अनुकूल हैं। चीता बड़े इलाके में घूमने का आदी होता है। इसी वजह से वह बार-बार मंडरायल के जंगलों की ओर आ रहा है। कूनो अभयारण्य से निकलकर उसका तीसरी बार इस क्षेत्र में पहुंचना सामने आया है।