महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मातृ एवं शिशु इकाई के पालने में सोमवार को मिला मासूम 'सोम' जिंदगी की जंग हार गया। आज(मंगलवार) दोपहर करीब 12.30 बजे सोम ने वेंटिलेटर पर इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा ने बताया- पुलिस की ओर से पोस्टमॉर्टम की कानूनी कार्रवाई पूरी करवाने के बाद मासूम का अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। सोमावार को पालना गृह में मिला था नवजात सोमवार सुबह एमसीएच यूनिट के बाहर लगे पालना गृह की घंटी अचानक बजने लगी, आवाज सुनकर हॉस्पिटल के नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी बाहर दौड़े। पालने के भीतर कपड़े के चंद टुकड़ों में लिपटा हुआ एक प्रीमेच्योर मासूम था, जिसका वजन महज डेढ़ किलो ही था। बच्चा प्री-मैच्योर (समय से पहले जन्मा) था और उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए थे। इसी कारण उसे सांस लेने में समस्या थी। पोस्टमॉर्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार सोमवार को मिलने के कारण नवजात को सोम नाम दिया था और हॉस्पिटल में डॉक्टरों का एक विशेष बोर्ड गठित कर उसकी निगरानी रखी जा रही थी। एनआईसीयू वार्ड में वार्मर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर मासूम को रखा गया था। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। हालांकि फेफड़ों की कमजोरी और ठंड के कारण मासूम की मौत हो गई। पुलिस द्वारा पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद मासूम सोम का नियमानुसार अंतिम संस्कार करवाया जाएगा।